देवल संवाददाता, मऊ। परियोजना निदेशक जिला ग्राम्य विकास अभिकरण सुभाष चंद्र सरोज ने बताया कि जनपद मऊ में आवासविहीन ग्रामीण परिवारों को प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) का लाभ उपलब्ध कराने के उद्देश्य से भारत सरकार द्वारा कराए गए आवास प्लस-2024 सर्वेक्षण के अंतर्गत तैयार की गई स्थायी प्रतीक्षा सूची के अनुमोदन की प्रक्रिया अंतिम चरण में है। जिलाधिकारी के निर्देशानुसार जनपद की सभी ग्राम पंचायतों में ग्रामसभा की खुली बैठकों के माध्यम से सूची का परीक्षण कराया जा रहा है।यदि ग्रामसभा की खुली बैठक के दौरान किसी पात्र परिवार का नाम सूची से हटाया गया है अथवा उसकी वरीयता क्रम में परिवर्तन किया गया है,तो ऐसे परिवारों की शिकायतों एवं आपत्तियों के निस्तारण के लिए जिलाधिकारी द्वारा जनपद स्तरीय अपीलीय समिति का गठन किया गया है।
अपीलीय समिति में मुख्य विकास अधिकारी,मऊ को अध्यक्ष, परियोजना निदेशक, जिला ग्राम्य विकास अभिकरण (डीआरडीए), मऊ को सदस्य तथा भगत सिंह,किसान जन सेवा ट्रस्ट, ताजोपुर,मऊ को गैर-सरकारी सदस्य नामित किया गया है। समिति प्राप्त शिकायतों पर विचार कर निर्धारित समय सीमा में उनका निस्तारण करेगी।आयुक्त,ग्राम्य विकास,उत्तर प्रदेश,लखनऊ के निर्देशों के अनुपालन में ग्रामसभा की खुली बैठक में जिन परिवारों के नाम स्थायी प्रतीक्षा सूची से हटाए गए हैं अथवा उनकी वरीयता में परिवर्तन किया गया है, वे संबंधित खंड विकास अधिकारी के माध्यम से 15 जुलाई, 2026 तक अपनी शिकायत/अपील प्रस्तुत कर सकते हैं। शिकायतों का पंजीकरण कर जांच कराई जाएगी तथा जांच आख्या के आधार पर जनपद स्तरीय अपीलीय समिति अंतिम निर्णय लेगी।शिकायतों के निस्तारण के उपरांत प्रत्येक ग्राम पंचायत की अंतिम स्थायी प्रतीक्षा सूची प्रकाशित की जाएगी तथा इसे ग्राम पंचायत के नोटिस बोर्ड पर चस्पा करने के साथ-साथ व्यापक प्रचार-प्रसार भी कराया जाएगा। यह सूची पीएमएवाई-जी (PMAY-G) की वेबसाइट पर भी उपलब्ध कराई जाएगी।जिला प्रशासन ने सभी संबंधित पात्र परिवारों से निर्धारित समय सीमा के भीतर अपनी शिकायत अथवा अपील संबंधित खंड विकास अधिकारी के माध्यम से प्रस्तुत करने की अपील की है, ताकि सभी पात्र लाभार्थियों को योजना का लाभ पारदर्शी एवं निष्पक्ष तरीके से सुनिश्चित किया जा सके।
