आमिर, देवल ब्यूरो ,जौनपुर। रेलवे यात्रियों के गुम हुए मोबाइल फोन बरामद करने के अभियान में जौनपुर जीआरपी को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस महानिदेशक रेलवे, लखनऊ के निर्देश पर चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत जीआरपी जौनपुर ने 88 गुमशुदा मोबाइल फोन बरामद कर उनके वास्तविक स्वामियों को सौंप दिए। बरामद मोबाइलों की कुल अनुमानित कीमत करीब 19 लाख रुपये बताई गई है।
जीआरपी थाना जौनपुर के थानाध्यक्ष सुनील कुमार गौड़ के नेतृत्व में गठित टीम ने सर्विलांस और तकनीकी सहायता के जरिए विभिन्न स्थानों से मोबाइल फोन बरामद किए। बरामदगी के बाद जौनपुर सहित विभिन्न जनपदों से आए मोबाइल धारकों को उनके मोबाइल वापस सौंपे गए। लंबे समय बाद अपना मोबाइल वापस मिलने पर लोगों ने जीआरपी की कार्यशैली की सराहना करते हुए पुलिस का आभार व्यक्त किया।
थानाध्यक्ष सुनील कुमार गौड़ ने बताया कि रेलवे यात्रियों की सुरक्षा और उनके खोए हुए सामान की बरामदगी जीआरपी की प्राथमिकता है। आधुनिक तकनीक और सर्विलांस की मदद से लगातार गुम हुए मोबाइलों का पता लगाकर उन्हें उनके वास्तविक मालिकों तक पहुंचाया जा रहा है। उन्होंने यात्रियों से अपील की कि मोबाइल गुम होने पर तत्काल संबंधित जीआरपी थाने में सूचना दें, ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके।
इस सराहनीय अभियान में जीआरपी जौनपुर और प्रयागराज की संयुक्त टीम ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। बरामदगी टीम में थानाध्यक्ष सुनील कुमार गौड़ (जीआरपी जौनपुर), उप निरीक्षक गिरीश मिश्रा (सिटी स्टेशन), उप निरीक्षक हरिकेश (प्रभारी चौकी शाहगंज), उप निरीक्षक शिवपूजन यादव (प्रभारी चौकी जाफराबाद), उप निरीक्षक बृजेश कुमार (प्रभारी क्यूआरटी), उप निरीक्षक राधा मोहन द्विवेदी (प्रभारी सर्विलांस सेल, जीआरपी प्रयागराज), हेड कांस्टेबल प्रदीप कुमार, कांस्टेबल रामप्रवेश कुमार, कांस्टेबल मनीष कश्यप तथा महिला आरक्षी किरण लता शामिल रहीं।
जीआरपी की इस सफलता से न केवल यात्रियों का पुलिस पर भरोसा मजबूत हुआ है, बल्कि यह अभियान गुम हुए मोबाइलों की बरामदगी के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि भी माना जा रहा है।
