केरल यूनिवर्सिटी में छात्रसंघ चुनाव के नतीजे घोषित होने के बाद झड़प हो गई। CPI(M) के छात्र संगठन स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया का आरोप है कि कांग्रेस के छात्र संगठन केरल स्टूडेंट्स यूनियन के लोगों ने उन पर हमला किया।
जबकि पुलिस ने इस थ्योरी को नकारते हुए SFI कार्यकर्ताओं पर ही केस दर्ज कर दिया है। दरअसल यूनिवर्सिटी के छात्रसंघ चुनाव में SFI ने 37 में से 35 सीटें जीतकर अपना दबदबा बरकरार रखा, जबकि KSU केवल 2 सीटें ही जीत पाया।
SFI ने निकाला था विजय जुलूस
जीत का जश्न मनाने के लिए SFI ने विजय जुलूस निकाला था। SFI का आरोप है कि विजय जुलूस पर KSU कार्यकर्ताओं ने पत्थर फेंके और एक पुलिस वाहन को नुकसान पहुंचाया।
वहीं पुलिस का कहना है कि SFI कार्यकर्ताओं ने KSU कार्यकर्ताओं पर पत्थर फेंके और लाठियां बरसाईं और इसके बाद लगभग 20 KSU कार्यकर्ताओं ने कथित तौर पर जवाब में पत्थर फेंके।
50 लोगों के खिलाफ केस दर्ज
पुलिस ने 10 पहचाने गए SFI कार्यकर्ताओं और 40 अन्य के खिलाफ FIR दर्ज कर ली है। पुलिस का कहना है कि इस पत्थरबाजी में एक SHO की बाईं बांह की हड्डी कोहनी के पास टूट गई, जबकि अन्य पुलिसकर्मियों को भी चोटें आईं।
झड़प के बाद तनाव कैंपस से बढ़कर सड़क तक फैल गया। पुलिस ने भीड़ को तितर-बितर करने के लिए वॉटर कैनन का इस्तेमाल किया और लाठीचार्ज किया। भारी पुलिसबल भी तैनात किया गया।
पुलिस ने लगे गंभीर आरोप
राज्यसभा सांसद और DYFI नेता AA रहीम भी मौके पर पहुंचे। उन्होंने आरोप लगाया कि KSU कार्यकर्ताओं ने सुनियोजित हमला किया। रहीम ने पुलिस की कार्रवाई की भी आलोचना करते हुए आरोप लगाया कि अधिकारियों ने हिंसा के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई करने के बजाय सड़क पर धरना दे रहे SFI प्रदर्शनकारियों के खिलाफ बल का प्रयोग किया।
पुलिस का कहना है कि SFI कार्यकर्ताओं ने पत्थर फेंककर पुलिस की एक गाड़ी का सामने वाला शीशा तोड़ दिया, जिससे 30 हजार रुपये का नुकसान हुआ।
