देवल संवाददाता, मऊ। जनपद एवं पूरे प्रदेश में चल रही भीषण लू एवं बढ़ते तापक्रम का असर मानव एवं पशु पक्षियों के जीवन के साथ-साथ बागवानी फसलों एवं सब्जियों की खेती पर भी पड़ रहा है। हीट वेव और लू से बचाव हेतु जनपद में किसानों की क्षति को न्यून करने हेतु किसानों को जिला उद्यान अधिकारी संदीप कुमार गुप्त द्वारा यह सलाह दी जाती है कि अपने खेतों में और बागो में पर्याप्त नमी बनाए रखें, विशेष कर सूर्यास्त के समय ही हल्की सिंचाई जरूर करें जिससे कड़ी धूप एवं लू से किसान और पौधों का भी स्वास्थ्य खराब न हो। पश्चिमी शुष्क हवाओं से बचाव हेतु सब्जी उत्पादक किसानों को पश्चिम की दिशा में सरकंडे की बाड़,ग्रीन नेट या घर में उपयोग हो चुकी पुरानी साड़ियों का एक अवरोध बाड़ बनाएं जिससे फसलों को कम से कम नुकसान हो सके। जिला उद्यान अधिकारी बताते हैं कि इस संबंध में उद्यान विभाग द्वारा जनपद के समस्त निवासियों को यह सलाह दी जाती है कि शहरी क्षेत्र में अपने छतों पर रूफटॉप गार्डनिंग करें जिसमें गमले में शोभाकर पौधे, शाकभाजी के मिर्च,टमाटर जैसे पौधे लगाए जिससे छत पर सीधी धूप ना आए। इस मौसम में छत पर प्लास्टिक की मोटी शीट बिछाते हुए क्यारी बनाकर सभी प्रकार की सब्जियां जैसे धनिया,टमाटर,मिर्च, मूली सहित पत्तेदार सब्जियां की खेती आसानी से की जा सकती है और स्वरूचि अनुसार सृजनात्मकता भी बढ़ेगी।इससे जहां एक ओर घर का उत्पादन किया हुआ शुद्ध शाकभाजी उत्पाद खाने को मिलेगा,वहीं दूसरी ओर घर के अंदर छत से आने वाली गर्मी से भी निजात मिलेगी।जिलाधिकारी मऊ के निर्देशानुसार शाकभाजी एवं बागवानी में व्यापक स्तर पर लाभ हेतु उद्यान विभाग द्वारा टपक सिंचाई एवं स्प्रिंकलर सिंचाई की स्थापना पर 80 से 90% तक का अनुदान भी दिलाया जा रहा है जिसमें किसान भाई अपने बागों और सब्जियों की खेती के साथ-साथ कृषि फसलों,दलहनी फसलों में भी ड्रिप तथा स्प्रिंकलर सिंचाई पद्धति अपना कर किसी भी समय सिंचाई कर सकते हैं और जल की बचत के साथ-साथ अल्प समय देते हुए ड्रिप या फौवारा चालू कर अपने को खुले खेत में नाली विधि से सिंचाई करने में होने वाले शारीरिक कष्ट से भी बचा सकते हैं। उद्यान विभाग द्वारा किसानों को उनकी मांग के अनुसार यह सिस्टम स्थापित कराया जा रहा है जिसमें अत्यंत सरल प्रक्रिया के तहत पोर्टल पर पंजीकरण एवं एग्रीमेंट के पश्चात कंपनियों द्वारा किसानों के खेतों पर सिस्टम की स्थापना करते हुए थर्ड पार्टी इंस्पेक्शन के पश्चात विभाग द्वारा मुख्यालय से कंपनी को अनुदान भेजा जाता है। जिला उद्यान अधिकारी ने बताया कि यदि सभी किसान ज्यादा से ज्यादा मेड़ों पर छोटे फलदार,शोभाकर या इमारती वृक्ष भी लगाएं तो गर्म हवाओं से बचाव के साथ-साथ पर्यावरण की भी दीर्घकालिक सुरक्षा हो सकेगी। उनके द्वारा किसानों से अपील की गई कि आगामी बरसात में ज्यादा से ज्यादा वृक्षों का रोपण करें जिसके लिए उद्यान विभाग से भी निःशुल्क पौधे उपलब्ध कराए जाएंगे।
बागवानी फसलों एवं सब्जियों को हीट वेव से बचाव हेतु जिला उद्यान अधिकारी ने साझा की जानकारी
मई 26, 2026
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