आमिर, देवल ब्यूरो ,खेतासराय, जौनपुर। दूल्हा हत्याकांड के आरोपी और एक लाख रुपये के इनामी रवि यादव के पुलिस मुठभेड़ में मारे जाने की खबर सोमवार सुबह जैसे ही सोंधी गांव पहुंची, पूरे गांव का माहौल गमगीन हो गया। जिस परिवार ने कभी अपने सबसे छोटे बेटे के सुनहरे भविष्य के सपने देखे थे, उसी घर में अचानक मातम छा गया। परिजनों की चीख-पुकार और विलाप से गांव का माहौल भारी हो गया।
रवि यादव किसान परिवार से संबंध रखता था। उसके पिता कमलेश यादव खेती-किसानी के साथ गांव में एक छोटी किराना दुकान चलाकर परिवार का भरण-पोषण करते थे। परिवार में तीन भाई और एक बहन हैं। रवि सबसे छोटा था। बड़ा भाई दीपक यादव जनसेवा केंद्र का संचालन करता है, जबकि अन्य भाई-बहन पढ़ाई कर रहे हैं।
ग्रामीणों के अनुसार रवि ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा क्षेत्र के विद्यालयों से प्राप्त की थी। परिवार को उससे काफी उम्मीदें थीं, लेकिन समय के साथ उसकी संगति बदल गई। गांव वालों का कहना है कि वह कम बोलने वाला युवक था और अक्सर गांव से बाहर रहता था। पिछले कुछ वर्षों में उसका नाम कई आपराधिक मामलों में सामने आया और वह जेल भी जा चुका था।
दूल्हा हत्याकांड के बाद बढ़ी तलाश
एक मई को खेतासराय क्षेत्र में बारात लेकर जा रहे दूल्हे आजाद बिंद की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस सनसनीखेज घटना के बाद पुलिस जांच में रवि यादव का नाम सामने आया। मामले में उसकी गिरफ्तारी न होने पर पुलिस ने उस पर एक लाख रुपये का इनाम घोषित किया था। सोमवार तड़के रानीमऊ क्षेत्र में हुई पुलिस मुठभेड़ में उसके मारे जाने की सूचना सामने आई।
सूचना मिलते ही परिवार में मचा कोहराम
परिजनों के अनुसार सुबह जब एनकाउंटर की खबर मिली तो घर में अफरा-तफरी मच गई। बड़ा भाई दीपक यादव बदहवास होकर रोने लगा, जबकि महिलाओं की चीख-पुकार सुनकर आसपास के लोग भी घर पहुंच गए। देखते ही देखते पूरे गांव में घटना की चर्चा फैल गई और लोगों की भीड़ घर के बाहर जुटने लगी।
परिवार का दावा है कि इस मामले के बाद से लगातार पुलिस दबाव बना हुआ था, जिसके चलते घर के सदस्य भी काफी परेशान थे। परिजनों ने मुठभेड़ को लेकर कई सवाल उठाए हैं और निष्पक्ष जांच की मांग की है।
पीड़ित पक्ष ने कहा- सभी दोषियों को मिले सजा
दूल्हा हत्याकांड में मृतक की पत्नी और परिवार की ओर से भी प्रतिक्रिया सामने आई है। मृतक पक्ष का कहना है कि अभी उन्हें पूरी तरह न्याय नहीं मिला है। उनका कहना है कि घटना में शामिल सभी दोषियों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए, जबकि निर्दोष लोगों को परेशान नहीं किया जाना चाहिए।
परिवार का कहना है कि न्याय तभी पूरा माना जाएगा जब मामले में शामिल सभी जिम्मेदार लोगों को कानून के अनुसार सजा मिलेगी। वहीं दूसरी ओर आरोपी पक्ष के परिजनों ने रवि यादव को निर्दोष बताते हुए पूरे मामले में निष्पक्ष जांच और अन्य आरोपियों के खिलाफ भी समान कार्रवाई की मांग की है।
फिलहाल दूल्हा हत्याकांड और उससे जुड़े एनकाउंटर को लेकर क्षेत्र में चर्चाओं का दौर जारी है। पुलिस अपनी कार्रवाई को कानून सम्मत बता रही है, जबकि दोनों पक्षों की ओर से अलग-अलग दावे किए जा रहे हैं। मामले को लेकर लोगों की निगाहें अब आगे की कानूनी प्रक्रिया और जांच पर टिकी हुई हैं।
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