स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में बढ़ते तनाव के बीच भारतीय जहाजों को रोके जाने का मामला सामने आया है। ईरान की नौसेना ने 'भाग्य लक्ष्मी' समेत दो भारतीय टैंकरों को आगे बढ़ने से रोक दिया, जिसके बाद उन्हें वापस लौटना पड़ा।
जानकारी के अनुसार, 'भाग्य लक्ष्मी' नाम का भारतीय झंडे वाला टैंकर जब होर्मुज से गुजरने की कोशिश कर रहा था, तब ईरानी नौसेना ने उसे अनुमति देने से इनकार कर दिया। जहाज के क्रू ने रेडियो के जरिए संपर्क कर रास्ता देने की अपील की, लेकिन उन्हें तुरंत वापस लौटने के लिए कहा गया। एक वीडियो में क्रू मेंबर को यह कहते सुना गया कि 'हम साफ-साफ सुन रहे हैं', जबकि जवाब में ईरानी नौसेना ने कहा कि जहाज तुरंत लौट जाए।
दूसरे जहाज से भी आई मदद की पुकार
इसी दौरान 'सैनमार हेराल्ड' नाम के एक अन्य तेल टैंकर से भी संकट का संदेश मिला। जहाज के एक सदस्य ने बताया कि पहले उन्हें आगे बढ़ने की अनुमति दी गई थी, लेकिन बाद में अचानक गोलीबारी शुरू हो गई और उन्हें वापस लौटने को कहा गया।
सूत्रों के मुताबिक, दोनों भारतीय जहाजों पर ईरानी गनबोट्स ने फायरिंग की, हालांकि इस घटना में किसी को चोट नहीं आई और जहाजों को कोई नुकसान नहीं हुआ। रिपोर्ट के अनुसार, कई जहाजों को रेडियो संदेश के जरिए बताया गया कि उन्हें होर्मुज से गुजरने की अनुमति नहीं है, जबकि कुछ जहाजों ने गोलीबारी की भी सूचना दी।
भारत ने जताई चिंता
इस घटना के बाद भारत ने जहाजों और नाविकों की सुरक्षा को लेकर चिंता जताई है। विदेश मंत्रालय ने कहा कि ईरान पहले भी भारत जाने वाले जहाजों को सुरक्षित रास्ता दिलाने में मदद करता रहा है।
विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने ईरान के राजदूत से मुलाकात कर भारत की चिंता जाहिर की और कहा कि भारतीय जहाजों के लिए सुरक्षित रास्ता जल्द बहाल किया जाए। ईरान के राजदूत ने आश्वासन दिया कि भारत की बात को उनके देश की सरकार तक पहुंचाया जाएगा।
ईरान की चेतावनी
ईरान के एक वरिष्ठ प्रतिनिधि डॉ. अब्दुल मजीद हकीम इलाही ने कहा कि भारत और ईरान के संबंध मजबूत हैं और इस मामले का समाधान निकाला जाएगा। हालांकि उन्होंने इस घटना की जानकारी नहीं होने की बात भी कही।
बाद में ईरान की सेना ने कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य अब सख्त नियंत्रण में है। इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स ने चेतावनी दी कि इस क्षेत्र में आने वाले जहाजों को दुश्मन के समर्थन के रूप में देखा जा सकता है और उन पर कार्रवाई की जा सकती है।
