देवल, ब्यूरो चीफ,सोनभद्र। भारतीय जनता पार्टी के जिलाध्यक्ष पर जाति पूछकर अपमानित करने के लगे कथित आरोप के बाद जिले की राजनीति गरमा गई है। नौडिहा-199 बूथ अध्यक्ष उमेश चौबे के द्वारा दिए गए इस्तीफा के बाद पार्टी के भीतर असंतोष के स्वर खुलकर सामने आने लगे हैं। इस बीच म्योरपुर स्थित सैनिक ढाबा परिसर में हाल ही में वरिष्ठ कार्यकर्ताओं की हुई बैठक में भाजपा जिला नेतृत्व के खिलाफ कड़ी नाराजगी जताई गई थी।
इसी घटनाक्रम के अगले दिन, गत गुरुवार को जिला मुख्यालय रॉबर्ट्सगंज नगर के एक होटल में जिलाध्यक्ष के समर्थन में कथित रूप से गुपचुप बैठक आयोजित किए जाने की चर्चा ने मामले को और तूल दे दिया। यह बैठक शुक्रवार को आमजन और कार्यकर्ताओं के बीच चर्चा का केंद्र बनी रही। हालांकि आयोजकों द्वारा इसे 'सर्वसमाज की बैठक' बताया जा रहा है, लेकिन स्थानीय सूत्रों का दावा है कि बैठक में न तो भाजपा के कोई वरिष्ठ पदाधिकारी शामिल हुए और न ही रॉबर्ट्सगंज क्षेत्र के सक्रिय कार्यकर्ता ही बैठक में नजर आए। ऐसे में बैठक की पारदर्शिता और मंशा पर सवाल उठना लाजमी है। राजनीतिक गलियारों में इस बैठक को सुनियोजित कदम के रूप में देखा जा रहा है। चर्चा है कि इसका उद्देश्य जिलाध्यक्ष पर लगे आरोपों की गंभीरता को कम करना और संगठन के भीतर उठ रहे असंतोष के स्वर को नियंत्रित करना रहा। वहीं, म्योरपुर क्षेत्र में बीते दिनों हुई बैठक में कई पदाधिकारियों ने भाजपा जिला नेतृत्व की कार्यशैली पर सवाल खड़े किए थे। लगातार सामने आ रही नाराजगी और कार्यकर्ताओं के असंतोष को देखते हुए राजनीतिक से जुड़े लोगों का मानना है कि यदि समय रहते स्थिति को संभाला नहीं गया, तो आगामी चुनाव में पार्टी को इसका खामियाजा भुगतना पड़ सकता है। फिलहाल, पूरे मामले पर संगठन की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। लेकिन जिस तरह से एक के बाद एक कार्यकर्ता असंतोष जता रहे हैं, उससे यह स्पष्ट है कि भाजपा जिला नेतृत्व से तमाम कार्यकर्ताओं में नाराजगी है।
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