देवल, ब्यूरो चीफ,ओबरा, सोनभद्र। ओबरा थाना क्षेत्र के खैरटिया स्थित रेणुका नदी किनारे मिट्टी खनन की आड़ में अवैध बालू निकासी का मामला सामने आने के बाद क्षेत्र में हड़कंप मच गया है। लगातार मिल रही शिकायतों और हालिया घटनाक्रम ने प्रशासनिक कार्रवाई की पारदर्शिता पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
स्थानीय सूत्रों के मुताबिक, नदी किनारे मौजूद बड़े-बड़े बालू के टीलों को मिट्टी कटान के नाम पर हटाया जा रहा है। आरोप है कि इसी प्रक्रिया के जरिए सुनियोजित तरीके से बालू का खनन कर बाहर भेजा जा रहा है। यह गतिविधि लंबे समय से जारी बताई जा रही है, लेकिन इसके बावजूद प्रभावी रोकथाम नहीं हो सकी है। बताया जा रहा है कि 18 अप्रैल की भोर में भी मौके पर खनन कार्य जारी था, जिसका वीडियो स्थानीय लोगों ने बनाया। सूचना मिलने पर पुलिस टीम मौके पर पहुंची और खनन कार्य को रुकवाया। इस दौरान एक जेसीबी चालक को हिरासत में लेकर थाना लाया गया। हालांकि, स्थानीय लोगों ने पुलिस कार्रवाई को अधूरा बताते हुए सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि मौके पर मौजूद मशीनों और वाहनों को जब्त नहीं किया गया, जिससे कार्रवाई की निष्पक्षता पर संदेह उत्पन्न हो रहा है। मामले की गंभीरता को देखते हुए संबंधित अधिकारियों से संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन कोई संतोषजनक प्रतिक्रिया नहीं मिल सकी। वहीं, खनन विभाग को वीडियो साक्ष्य सौंपे जाने की भी चर्चा है। स्थानीय स्तर पर यह भी आरोप लगाए जा रहे हैं कि खनन में शामिल ठेकेदार का क्षेत्र में प्रभाव होने के कारण प्रशासन सख्त कार्रवाई से बच रहा है। इससे शासन-प्रशासन की निगरानी व्यवस्था पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। गौरतलब है कि बिना वैध अनुमति बालू खनन कानूनन अपराध है और इसके लिए कड़े दंडात्मक प्रावधान निर्धारित हैं। इसके बावजूद यदि मिट्टी खनन की आड़ में बालू निकासी हो रही है, तो यह गंभीर अनियमितता का मामला माना जाएगा। फिलहाल यह प्रकरण क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है। अब देखना यह है कि प्रशासन इस मामले में ठोस और निष्पक्ष कार्रवाई करता है या फिर यह मामला भी अन्य शिकायतों की तरह ठंडे बस्ते में चला जाता है।
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