आमिर, देवल ब्यूरो ,जौनपुर। आगामी विधानसभा चुनाव 2027 को लेकर सियासी हलचल तेज होती जा रही है। इसी क्रम में समाजवादी पार्टी ने संगठन को मजबूत करने और खासतौर पर अल्पसंख्यक समाज में पकड़ बढ़ाने के लिए बड़ा कदम उठाया है। पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के निर्देश पर अल्पसंख्यक मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना इकबाल कादरी ने जौनपुर के वरिष्ठ समाजवादी नेता अनवारुल हक ‘गुड्डू’ को अल्पसंख्यक मोर्चा का राष्ट्रीय उपाध्यक्ष मनोनीत किया है।
अनवारुल हक ‘गुड्डू’ का नाम जिले की राजनीति और सामाजिक सरोकारों में लंबे समय से प्रभावशाली रहा है। वे न सिर्फ मुस्लिम समाज में मजबूत पकड़ रखते हैं, बल्कि अन्य वर्गों में भी उनकी स्वीकार्यता मानी जाती है। वे जौनपुर की प्रमुख धार्मिक संस्था मरकज़ी सीरत कमेटी के पूर्व अध्यक्ष रह चुके हैं। इसके अलावा वे व्यापार मंडल के प्रदेश महामंत्री और हमज़ा चिश्ती दरगाह के मुतवल्ली के रूप में भी सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि ‘गुड्डू’ की यह नियुक्ति सिर्फ संगठनात्मक बदलाव नहीं, बल्कि 2027 के चुनावी समीकरणों को साधने की रणनीति का हिस्सा है। उनके राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बनने के बाद जौनपुर की सियासत में हलचल तेज हो गई है। खासकर अल्पसंख्यक वोट बैंक को साधने के लिहाज से इसे समाजवादी पार्टी का बड़ा दांव माना जा रहा है।
सूत्रों के मुताबिक, अनवारुल हक ‘गुड्डू’ की राष्ट्रीय नेतृत्व से बढ़ती नजदीकियों ने जिले के सियासी खेमों में चर्चाओं का बाजार गर्म कर दिया है। कयास लगाए जा रहे हैं कि आने वाले समय में समाजवादी पार्टी जौनपुर में कोई बड़ा राजनीतिक फैसला ले सकती है, जो सीधे तौर पर 2027 के चुनाव को प्रभावित करेगा।
स्थानीय स्तर पर भी उनके समर्थकों में उत्साह देखा जा रहा है। कार्यकर्ताओं का मानना है कि ‘गुड्डू’ के नेतृत्व में पार्टी को जमीनी मजबूती मिलेगी और संगठन गांव-गांव तक और अधिक प्रभावी तरीके से पहुंचेगा।
कुल मिलाकर, अनवारुल हक ‘गुड्डू’ की यह नई जिम्मेदारी न सिर्फ उनके राजनीतिक कद को बढ़ाती है, बल्कि यह भी संकेत देती है कि समाजवादी पार्टी 2027 के चुनाव को लेकर अब पूरी तरह से एक्टिव मोड में आ चुकी है। जौनपुर की राजनीति में आने वाले दिनों में और बड़े बदलाव देखने को मिल सकते हैं।
