पश्चिम एशिया में चल रहे तनाव के बीच भारतीय झंडे वाला तेल टैंकर जग लाडकी गुजरात के अडानी पोर्ट्स मुंद्रा पर पहुंच गया है। यह देश के ऊर्जा आयात में बेहद अहम वृद्धि है।
जहाज लगभग 80,886 मीट्रिक टन कच्चे तेल के साथ बंदरगाह पर पहुंचा। यह कार्गो यूएई से मंगाया गया था और इसे फुजैराह बंदरगाह पर लादा गया था। कुल 274.19 मीटर लंबाई और 50.04 मीटर चौड़ाई वाले इस टैंकर का डेडवेट टन भार लगभग 164,716 टन और सकल टन भार लगभग 84,735 टन है।
मुंद्रा पोर्ट पर भारी मात्रा में आता है तेल
मुंद्रा में इस टैंकर का आना इस बात को दिखाता है कि भारी मात्रा में कच्चे तेल के आयात को संभालने में अडानी पोर्ट्स की सुविधा कितनी अहम भूमिका निभाती है। इस तरह की खेप प्रमुख रिफाइनरियों के लिए बेहद जरूरी हैं, जो अपने कामकाज को सुचारू रूप से चलाने और भारत की ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करने के लिए इन्हीं खेपों पर निर्भर रहती हैं।
ये समुद्री घटनाक्रम पश्चिम एशिया में बढ़ते क्षेत्रीय तनाव की पृष्ठभूमि में सामने आए हैं। इससे पहले भारत का झंडा लगे दो एलपीजी कैरियर 16 और 17 मार्च को भारत पहुंचे। इससे पहले इन जहाजों ने होर्मुज स्ट्रेट को सुरक्षित रूप से पार कर लिया था। एमटी शिवालिक और नंदा देवी में लगभग 92,712 मीट्रिक टन एलपीजी लदी थी।
भारत का ऑपरेशन संकल्प
अपने व्यापारिक हितों की रक्षा करते हुए भारत ऑपरेशन संकल्प के तहत इन जलक्षेत्रों में अपनी नौसैनिक उपस्थिति लगातार बनाए हुए है। यह पहल महत्वपूर्ण शिपिंग रूट्स की सुरक्षा सुनिश्चित करने और जग लाडकी जैसे जहाजों की सुरक्षित डॉकिंग सुनिश्चित करने के लिए समर्पित है।
इसके साथ ही शिपिंग महानिदेशालय (DG Shipping) जहाज मालिकों, भर्ती और प्लेसमेंट सेवा लाइसेंस (RPSL) एजेंसियों और इस क्षेत्र में मौजूद भारतीय राजनयिक मिशनों के साथ समन्वय स्थापित करते हुए स्थिति पर बारीकी से नजर रख रहा है।