आमिर, देवल ब्यूरो ,जौनपुर। हिन्दुस्तान सोशलिस्ट रिपब्लिकन आर्मी एवं लक्ष्मी बाई ब्रिगेड के संयुक्त तत्वावधान में दीवानी बार एसोसिएशन जौनपुर के प्रांगण में शहीद-ए-आजम Bhagat Singh, Shivaram Rajguru और Sukhdev Thapar के 95वें शहादत दिवस के अवसर पर श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। इस दौरान उपस्थित लोगों ने शहीदों के चित्र पर माल्यार्पण करते हुए मोमबत्ती और अगरबत्ती जलाकर उन्हें नमन किया तथा दो मिनट का मौन रखकर उनकी शहादत को याद किया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए लक्ष्मी बाई ब्रिगेड की अध्यक्ष मंजीत कौर ने कहा कि शहीद-ए-आजम भगत सिंह का जन्म 28 सितंबर 1907 को एक किसान परिवार में हुआ था। उनका पूरा परिवार देशभक्ति और क्रांतिकारी विचारों से ओत-प्रोत था, जिसका प्रभाव उनके व्यक्तित्व पर बचपन से ही दिखाई देने लगा था। उन्होंने बताया कि कम उम्र में ही Jallianwala Bagh massacre की घटना से प्रभावित होकर भगत सिंह ने अंग्रेजी हुकूमत के खिलाफ संघर्ष करने का संकल्प लिया और अपना जीवन देश की आजादी के लिए समर्पित कर दिया।
उन्होंने कहा कि मात्र 23 वर्ष की आयु में अंग्रेज सरकार ने भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव को फांसी देकर शहीद कर दिया, लेकिन उनका बलिदान आज भी देशवासियों के लिए प्रेरणास्रोत बना हुआ है। हर वर्ष 23 मार्च को पूरा देश शहीद दिवस के रूप में इन महान क्रांतिकारियों को श्रद्धा-सुमन अर्पित करता है और उनके आदर्शों को अपनाने का संकल्प लेता है।
इस अवसर पर अधिवक्ता दीपा साहू, बीना तिवारी, शुभम, अखिलेश, राज पाठक, राजेश गुप्ता, संतोष, जितेंद्र, उषा, राहुल, सविता, रंजना सहित सैकड़ों अधिवक्ता, वादकारी और कर्मचारी मौजूद रहे। सभी ने शहीदों के आदर्शों पर चलकर समाज और राष्ट्र की सेवा करने का संकल्प लिया।