संतोष,देवल ब्यूरो,आजमगढ़। जिले के सगड़ी तहसील क्षेत्र के पिपरहा दुखियावर गांव में ग्राम समाज के सार्वजनिक तालाब पर अवैध कब्जे का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। आरोप है कि उच्च न्यायालय के स्पष्ट आदेश के बावजूद अब तक तालाब से कब्जा नहीं हटाया गया है, जिससे ग्रामीणों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है।
गांव के निवासी एवं शिकायतकर्ता अश्विनी सिंह राठौर ने बताया कि ग्राम समाज के सार्वजनिक तालाब गाटा संख्या 461 पर कुछ लोगों ने अवैध रूप से कब्जा कर रखा है। इस मामले में न्यायालय ने भी अवैध कब्जा हटाने का स्पष्ट निर्देश दिया है, लेकिन इसके बावजूद कार्रवाई नहीं हो रही है।
पीड़ित का आरोप है कि विपक्षी पक्ष का एक रिश्तेदार लेखपाल के पद पर तैनात है, जो तहसील स्तर पर गलत पैरवी कर कार्रवाई रुकवाने का प्रयास कर रहा है। साथ ही, बार-बार गलत पैमाइश कराकर मामले को उलझाया जा रहा है और शिकायतकर्ता को परेशान किया जा रहा है।
अश्विनी सिंह राठौर ने बताया कि वह इस संबंध में कमिश्नर से लेकर अन्य उच्चाधिकारियों तक कई बार शिकायत कर चुके हैं, लेकिन अब तक अवैध कब्जा नहीं हटाया गया। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो वह मुख्यमंत्री के जनता दरबार में पहुंचकर न्याय की गुहार लगाएंगे।
वहीं इस मामले में राजस्व निरीक्षक श्यामसुंदर यादव ने बताया कि तालाब की पैमाइश कराई जा चुकी है और अवैध कब्जा करने वाले लोगों को नोटिस जारी कर दिया गया है। उन्हें एक सप्ताह के भीतर कब्जा हटाने का आदेश दिया गया है। उन्होंने कहा कि इस मामले में सभी आवश्यक कागजी कार्रवाई पूरी कर ली गई है और नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
गांव में सार्वजनिक तालाब पर अवैध कब्जे को लेकर ग्रामीणों में नाराजगी है। लोगों का कहना है कि तालाब गांव की सामूहिक संपत्ति है और इससे जल संरक्षण व पशुओं के लिए पानी की व्यवस्था होती है, इसलिए इसे जल्द से जल्द कब्जामुक्त कराया जाना चाहिए।