आमिर, देवल ब्यूरो ,जौनपुर। जनपद के बक्शा थाना क्षेत्र के ग्राम पूराशेरखा दक्खिनपट्टी में ग्राम सभा के सार्वजनिक तालाब की भूमि पर अवैध कब्जे का मामला सामने आया है। ग्रामीणों का आरोप है कि गांव के ही एक व्यक्ति द्वारा तालाब को पाटकर उस पर निर्माण कार्य कराया जा रहा है, जिससे जल निकासी की व्यवस्था पूरी तरह बाधित हो गई है और गांव में गंभीर जलभराव की समस्या उत्पन्न हो गई है।
जानकारी के अनुसार ग्राम सभा की जल खाते की भूमि (गाटा संख्या 66, रकबा 0.32 हेक्टेयर), जो राजस्व अभिलेखों में तालाब के रूप में दर्ज है, पर गांव निवासी विश्वनाथ पुत्र रजिन्दर द्वारा कथित रूप से ग्राम प्रधान एवं कुछ अधिकारियों की मिलीभगत से अवैध कब्जा कर लिया गया है। ग्रामीणों का कहना है कि समय-समय पर तालाब में मिट्टी डालकर उसे पाट दिया गया, वहां पेड़ लगाए गए, ईंट का चबूतरा बनाया गया और अब बाउंड्री वाल का निर्माण भी करा लिया गया है।
ग्रामीणों के मुताबिक तालाब समाप्त हो जाने के कारण बरसात और नालियों का पानी अब तालाब में न जाकर मुख्य रास्ते पर जमा हो जाता है। इससे पूरे मार्ग पर जलभराव हो गया है, जिससे आवागमन में भारी दिक्कतें हो रही हैं। बच्चों और बुजुर्गों के लिए रास्ता पार करना जोखिम भरा हो गया है, वहीं गंदे पानी के चलते बीमारियों का खतरा भी बढ़ गया है।
ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि विरोध करने पर संबंधित व्यक्ति और उसके परिजन गाली-गलौज करते हैं तथा झूठे मुकदमों में फंसाने की धमकी देते हैं। यहां तक कि रास्ते पर पत्थर फेंककर लोगों को परेशान किया जाता है, जिससे कई बुजुर्ग गिरकर घायल भी हो चुके हैं।
बताया जाता है कि इस मामले को लेकर ग्रामीणों ने 14 जून 2025 को थाना दिवस में प्रार्थना पत्र भी दिया था, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। वर्तमान में समस्या और अधिक गंभीर रूप ले चुकी है।
ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच कराकर तालाब की भूमि को अवैध कब्जे से मुक्त कराया जाए तथा जल निकासी की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि गांववासियों को इस समस्या से राहत मिल सके।