देवल संवाददाता, मऊ। जिलाधिकारी प्रवीण मिश्र की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में कानून व्यवस्था और अभियोजन कार्यों की मासिक समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में जनपद की सुरक्षा व्यवस्था,लंबित वादों के निस्तारण और अपराधियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश जिलाधिकारी द्वारा दिए गए।कानून व्यवस्था की समीक्षा में जिलाधिकारी ने जनपद में शांति व्यवस्था बनाए रखने हेतु पुलिस प्रशासन को मुस्तैद रहने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि महिलाओं और बच्चों से संबंधित अपराधों में त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।चिह्नित अपराधियों और माफियाओं के विरुद्ध गैंगस्टर एक्ट एवं अन्य कठोर धाराओं के तहत कार्रवाई तेज की जाए।रात्रि गश्त और पुलिस पिकेट को और अधिक प्रभावी बनाये जाने को कहा।अभियोजन कार्यों की प्रगति की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने सरकारी अधिवक्ताओं को निर्देशित किया कि न्यायालयों में लंबित पुराने मामलों में प्रभावी पैरवी की जाए ताकि दोषियों को सजा दिलाई जा सके।पॉक्सो एक्ट और जघन्य अपराधों के मामलों में गवाहों की समय पर उपस्थिति सुनिश्चित कराई जाए।सजा के प्रतिशत को बढ़ाने के लिए पुलिस और अभियोजन विभाग के बीच बेहतर समन्वय स्थापित हो।बैठक में प्रत्येक थाने के टॉप-10 अपराधियों की सूची की समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि जो अपराधी जमानत पर बाहर हैं,उनकी गतिविधियों पर कड़ी नजर रखी जाए और यदि वे पुन: अपराध में संलिप्त पाए जाते हैं, तो तत्काल उनकी जमानत निरस्तीकरण की कार्रवाई की जाए।
जिलाधिकारी ने बताया कि न्याय में देरी न्याय न मिलने के बराबर है। पुलिस और अभियोजन विभाग की टीम भावना के साथ कार्य करें ताकि आम जनमानस में प्रशासन के प्रति विश्वास और बढ़े। किसी भी स्तर पर शिथिलता क्षम्य नहीं होगी।
अभियोजन अधिकारी ने समस्त थानाध्यक्षों को निर्देश दिए कि चरित्र सत्यापन के संबंध में यदि किसी थाने पर आता है तो स्पष्ट करें कि उस व्यक्ति के विरुद्ध आपराधिक मामले सहित अन्य जो भी मामले हो या कोई मामला नहीं है इसके संबंध में अपनी स्पष्ट आख्या दें।बैठक में पुलिस अधीक्षक इलामारन जी,अपर जिलाधिकारी सत्यप्रिय सिंह,ज्येष्ठ अभियोजन अधिकारी,जिला शासकीय अधिवक्ता (डीजीसी),समस्त क्षेत्राधिकारी,समस्त उपजिलाधिकारी, समस्त थानाध्यक्ष सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।