देवल संवाददाता, बलिया के बेरूआरबारी विकास खंड का मुख्य विकास अधिकारी ओजस्वी राज ने शुक्रवार को औचक निरीक्षण किया। इस दौरान कार्यालय प्रबंधन में लापरवाही, अधिकारियों की अनुपस्थिति और परिसंपत्तियों के रखरखाव में गंभीर कमियां पाई गईं। सीडीओ ने इन अनियमितताओं पर कड़ी नाराजगी व्यक्त की।
निरीक्षण के दौरान, एडीओ (समाज कल्याण) राज रतन शुक्ला अपने निर्धारित रोस्टर (शुक्रवार-शनिवार) के बावजूद अनुपस्थित मिले। उनसे इस संबंध में स्पष्टीकरण मांगा गया है। इसके अतिरिक्त, मिथिलेश गोंड भी निरीक्षण के समय अनुपस्थित पाए गए, जिनके विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।
लेखाकार के अवकाश प्रार्थना पत्र पर खंड विकास अधिकारी या एडीओ द्वारा कोई संज्ञान न लेने को 'घोर लापरवाही' मानते हुए जवाब तलब किया गया। अधिकारियों को अपनी मेजों पर अनिवार्य रूप से नेम प्लेट लगाने और अलमारियों में रखी फाइलों की सूची चस्पा करने के निर्देश भी दिए गए।
सीडीओ ने कंप्यूटर ऑपरेटर कक्ष में अव्यवस्थित इंटरनेट व सीसीटीवी तारों को व्यवस्थित करने, खराब विद्युत बल्ब बदलने और सभी कार्यालयों की खिड़कियों पर नई मच्छर जाली लगवाने के निर्देश दिए। साथ ही, पेयजल के लिए लगे आरओ सिस्टम की तत्काल सर्विस कराने को भी कहा गया।
परिसर में स्थित पीएम मॉडल आवास और टीन शेड बंद पाए गए। इस पर सीडीओ ने बीडीओ और ब्लॉक प्रमुख को आपसी समन्वय से इनका जनहित में उपयोग सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। बीडीओ आवास के सामने स्थित 07 आवासीय भवनों को खाली कराकर उनका उपयोग करने के भी निर्देश दिए गए हैं।
खराब पड़े जनरेटर की जांच के लिए जेई (विद्युत) और एडीओ की एक समिति गठित की गई है। यह समिति जनरेटर के निष्प्रयोज्य पाए जाने पर उसकी नीलामी करेगी। महिला सामुदायिक शौचालय में ताला बंद मिलने पर उसे तत्काल क्रियाशील करने की हिदायत दी गई।
मुख्य विकास अधिकारी ने स्पष्ट किया कि सरकारी कार्यों में ढिलाई और अनुशासनहीनता किसी भी स्तर पर स्वीकार्य नहीं होगी। उन्होंने सभी कमियों को समयबद्ध तरीके से दुरुस्त कर अनुपालन आख्या प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।