तमिलनाडु में आगामी विधानसभा चुनाव के बीच, डीएमके और कांग्रेस के बीच राज्य सभा सीट को लेकर तनाव बढ़ गया है। कांग्रेस ने दो राज्य सभा सीटों और ज्यादा विधानसभा सीटों की मांग की है, जबकि डीएमके 28 से 28 विधानसभा सीटे और एक राज्यसभा की सीट देना चाहती है।
डीएमके ने कांग्रेस को 3 मार्च तक का समय दिया है, जिसके बाद वह राज्या सभा के लिए अपने उम्मीदवारों की घोषणा करेगी। डीएमके का कहना है कि कांग्रेस की मांगें अव्यावहारिक हैं और वह अपने सहयोगियों को संतुष्ट करने के लिए प्रतिबद्ध है।
क्या है कांग्रेस की मांग?
कांग्रेस ने कहा है कि वह डीएमके की पेशकश को स्वीकार नहीं करेगी और अधिक सीटों की मांग करेगी। कांग्रेस का कहना है कि वह तमिलनाडु में अपनी उपस्थिति बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है।
क्या है एक्सपर्ट की राय?
राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि यह तनाव डीएमके-कांग्रेस गठबंधन के भविष्य के लिए महत्वपूर्ण है। अगर दोनों पार्टियां समझौते पर नहीं पहुंचती हैं, तो यह तमिलनाडु की राजनीति में एक बड़ा बदलाव ला सकता है। डीएमके और कांग्रेस के बीच बातचीत जारी है और यह देखना होगा कि दोनों पार्टियां समझौते पर पहुंचती हैं या नहीं।