देवल संवाददाता, मऊ। प्राचीन बारहदुवारी शिव मंदिर सेवा समिति का एक प्रतिनिधिमंडल नगर विकास उर्जा मंत्री विकास पुरुष माननीय ए के शर्मा जी से उनकी आवास मंगलम पर मुलाकात कर,मंदिर की सुंदीकरण जीर्णउद्धार के लिए दिए पत्रक। मंत्री जी ने हर संभव मदद का आश्वासन दिए।इतिहास ऐतिहासिक महत्व माना जाता है, कि भगवान राम ने त्रेता युग में यहां शिवलिंग स्थापित किया था और मंदिर लगभग 1600 वर्ष पुराना है।बारहदुवारी में भगवान शिव भगवान राम ने यहां पूजा अर्चना की जिसके बाद भगवान शिव 12 रूपों में प्रकट हुए जिसे उनका नाम बारहदुवारी पड़ा। प्राचीन बारहदुवारी मंदिर आस्था, विश्वास और न्याय का दिव्य केंद्र प्राचीन बारहदुवारी मंदिर केवल एक ऐतिहासिक धरोहर ही नहीं,बल्कि जनमानस की अटूट आस्था का केंद्र है।यह स्थान वर्षों से लोगों की श्रद्धा,विश्वास और आध्यात्मिक ऊर्जा का प्रतीक रहा है। मान्यता है कि यहां सच्चे मन से मांगी गई मनोकामनाएं अवश्य पूर्ण होती हैं।लेकिन यह भी कहा जाता है कि यदि कोई गलत या अन्यायपूर्ण इच्छा लेकर इस पवित्र स्थल पर आता है,तो उसे दैवीय दंड का सामना भी करना पड़ता है।स्थानीय परंपराओं और जनश्रुतियों के अनुसार,इस पावन स्थल का महत्व उस समय और बढ़ गया जब प्रभु श्री राम,लक्ष्मण और महर्षि विश्वामित्र ने अपने वनगमन के दौरान यहां एक रात्रि विश्राम किया था।तभी से यह मंदिर धर्म,सत्य और न्याय का प्रतीक माना जाता है। जहां आस्था के साथ-साथ धर्म का संतुलन भी स्थापित होता है।प्रतिनिधिमंडल में शामिल विष्णु देव महाराज,सेवक गण राष्ट्रीय कथा वाचक रितेश जी महाराज,बनारसी दास सनी,रामधनी यादव,मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष राम भुवाल यादव,पप्पू महाराज जी,मोहम्मद अंसारी,दिव्यांशु अन्य गणमान्य लोग मौजूद रहे।
प्राचीन बारहदुवारी शिव मंदिर सेवा समिति का प्रतिनिधि मंडल मिला ऊर्जा मंत्री एके. शर्मा से
मार्च 05, 2026
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