अमेरिका और ईरान के बीच 16 दिनों से युद्ध चल रहा है। इस युद्ध में अमेरिका का साथ इजरायल दे रहा है। सॉफ्टवेयर डेमो और पेंटागन के रिकॉर्ड के अनुसार, इस युद्ध में अमेरिकी सेना आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस चैटबॉट का इस्तेमाल कर रही है।
एआई चैटबॉट मिलिट्री एनालिस्ट को इंटेलिजेंस की समीक्षा करने और संभावित युद्धक्षेत्र की योजनाएं बनाने में मदद करता है। यह सिस्टम AI फर्म एंथ्रोपिक के साथ Palantir की साझेदारी का हिस्सा है।
मिलिट्री ऑपरेशन में AI चैटबॉट का इस्तेमाल
नवंबर 2024 में कंपनी ने बताया था कि उसका Claude चैटबॉट अमेरिकी इंटेलिजेंस और डिफेंस एजेंसियों के उपयोग किए जाने वाले सॉफ्टवेयर में इंटीग्रेट किया जाएगा, ताकि एनालिस्ट को बड़े डेटासेट में पैटर्न खोजने और मिलिट्री ऑपरेशन के दौरान निर्णय लेने में मदद मिल सके।
वायर्ड की रिपोर्ट के अनुसार, इन डेमो में Palantir के आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस प्लेटफॉर्म का उपयोग किया गया है, जो एक चैट इंटरफेस के माध्यम से Claude जैसे बड़े लैंग्वेज मॉडल को डिफेंस डेटा सिस्टम से जोड़ता है।
यह सिस्टम एनालिस्ट को रडार या सैटेलाइट तस्वीरों में पता चली दुश्मन की असामान्य गतिविधि के बारे में अलर्ट करता है।
एनालिस्ट चैटबॉट से पूछता है कि वहां कौन सी मिलिट्री यूनिट मौजूद हो सकती है और AI उपकरणों के पैटर्न के आधार पर सुझाव देता है कि यह एक बख्तरबंद बटालियन हो सकती है।
एनालिस्ट सिस्टम से हमले का जवाब देने के लिए कार्य योजनाएं बनाने के लिए भी कह सकता है। चैटबॉट कई विकल्प देता है, जिनमें हवाई हमला, लंबी दूरी की तोपें या एक टैक्टिकल ग्राउंड टीम तैनात करना शामिल है, जिन्हें मंजूरी के लिए कमांडर के पास भेजा जा सकता है।