देश में चंडीगढ़,मध्य प्रदेश,राजस्थान, हिमाचल प्रदेश, महाराष्ट्र समेत कई राज्यों में शिक्षकों में भी लागू हुआ ड्रेसिंग कोड एक समान वर्दी में दिखाई देते हैं शिक्षक
कृष्ण, देवल ब्यूरो, अंबेडकर नगर ।(सम्पादकीय टिप्पणी:- विकास सिंह ठाकुर "लेखक, समाज चिंतक, तथा संपादक")उत्तर प्रदेश में शिक्षकों के लिए तमाम सारी योजनाएं लागू हुई व कई निर्णय शिक्षकों के हित में भी दिए गए हालांकि कुछ निर्णय से शिक्षक संतुष्ट दिखे तथा कुछ से असंतुष्ट परंतु उत्तर प्रदेश में अभी तक शिक्षकों के लिए ड्रेसिंग कोड का नियम लागू नहीं किया है जबकि इन अध्यापकों के लिए भी वर्दी का प्रबंध होना चाहिए। जबकि देश के कई राज्यों जिसमें चंडीगढ़,मध्य प्रदेश, हिमाचल प्रदेश,महाराष्ट्र, उत्तराखंड, राजस्थान समेत कई राज्य एवं दो केंद्र शासित राज्य अपने उच्च, माध्यमिक तथा बेसिक शिक्षकों के लिए अनिवार्य ड्रेसिंग कोड लागू कर चुके हैं। प्राइवेट हो या सरकारी कर्मचारी उनके लिए एक ड्रेसिंग कोड की अनिवार्यता होनी चाहिए, हालांकि कई संस्थान तथा कई सरकारी संस्थाओं में एक विशेष ड्रेस यानि वर्दी का प्रयोग करते हैं केंद्र में आर्मी,एयरफोर्स, नेवी सहित प्रदेशों में पुलिस, डॉक्टर,वकील समेत कई विभागों में अपना एक ड्रेसिंग कोड निश्चित है परंतु सभी के मार्गदर्शक एवं गुरु कहे जाने वाले अध्यापकों अथवा शिक्षकों के लिए भी अब विशेष वर्दी की व्यवस्था होनी चाहिए जहां डिग्री कॉलेज एवं माध्यमिक विद्यालयों तथा बेसिक विद्यालयों के टीचर मनमाने रंग एवं ढंग के कपड़े जिसमें जींस शर्ट,कुर्ता पजामा सहित कई रंग-बिरंगे कपड़े पहनकर विद्यालय आते हैं हालांकि बच्चों के लिए तो विद्यालयों में ड्रेसिंग कोड निश्चित है परंतु उनका ज्ञान देने वाले अधिकतर शिक्षक अपने आप से इस नियम का पालन नहीं करते हैं क्योंकि अनिवार्य रूप से कोई भी ड्रेस अथवा वर्दी उनके लिए निर्धारित नहीं हुई है इस क्रम में उत्तर प्रदेश सरकार को भी आगे आकर तथा शिक्षा मंत्री को भी इस विषय में संज्ञान लेते हुए शिक्षकों के लिए भी ड्रेस की व्यवस्था लागू करना चाहिए