देवल, ब्यूरो चीफ,डाला, सोनभद्र। डाला में मलिन बस्ती के निवासियों को जिला प्रशासन द्वारा हटाने की नोटिस दिए जाने से हड़कंप मच गया है। बस्तीवासियों का आरोप है कि अल्ट्राटेक सीमेंट कंपनी के आने के बाद से उन पर लगातार दबाव बनाया जा रहा है और अब कोर्ट की नोटिस के माध्यम से जबरन हटाने का प्रयास किया जा रहा है।
नागेंद्र पासवान ने बताया कि उनका परिवार पिछले तीन पीढ़ियों से आराजी संख्या 113 और 179 पर निवास कर रहा है। उन्होंने कहा कि हमारी पूरी जिंदगी यहीं बीत गई। अब जीवन के इस पड़ाव पर हम कहां जाएं। कंपनी आने के बाद से हमारा जीना दूभर हो गया है। बस्तीवासियों के अनुसार लगभग 70 लोगों को नोटिस जारी कर एक महीने के भीतर जगह खाली करने का निर्देश दिया गया है। उनका कहना है कि मौजूदा महंगाई के दौर में 1 लाख रुपये में मकान बनाना संभव नहीं है, जबकि प्रशासन द्वारा 1 लाख का मुआवजा देने की बात कही जा रही है। लोगों का आरोप है कि यह राशि पर्याप्त नहीं है और इस तरह जबरन हटाया जाना मानवाधिकार का हनन है। स्थानीय लोगों ने मांग की है कि सरकार गरीबों को उनका हक देने की बात करती है, ऐसे में वर्षों से बसे परिवारों के पुनर्वास की ठोस व्यवस्था किए बिना उन्हें बेघर करना न्यायसंगत नहीं है। बस्तीवासियों ने प्रशासन से नोटिस वापस लेने और उचित पुनर्वास नीति लागू करने की मांग की है। फिलहाल इस मामले को लेकर क्षेत्र में आक्रोश व्याप्त है और प्रभावित परिवारों ने न्याय की गुहार लगाई है।
