देवल, ब्यूरो चीफ,सोनभद्र। जिला मुख्यालय के प्रमुख शहर सोनभद्र नगर समेत समूचे जनपद के शिवालयों में महाशिवरात्रि पर्व पर भगवान शिव-माता पार्वती के दर्शन-पूजन के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी रही। गुप्त काशी के नाम से सुप्रसिद्ध शिवद्वार धाम में हजारों भक्तों ने कतारबद्ध होकर उमामहेश्वर के चरणों में मत्था टेका। यहीं हाल चुर्क पहाड़ी पर विराजमान बाबा पंचमुखी महादेव का भी रहा। शिवालयों में श्रद्धालुओं की उमड़ी भीड़ के मद्देनजर सुरक्षा व्यवस्था के लिहाज से चप्पे-चप्पे पर पुलिस फोर्स की तैनाती रही।
नगर के शोभनाथ मंदिर सहित धर्मशाला-घोरावल मार्ग पर स्थित गौरी शंकर, बरैला महादेव मंदिर परिसर में हजारों श्रद्धालुओं ने बाबा भोलेनाथ व माता पार्वती का दर्शन-पूजन किया। बरैला व गौरी शंकर धाम में लगे मेला का बच्चों ने जमकर लुत्फ उठाया। चुर्क पहाड़ी पर विराजमान बाबा पंचमुखी मंदिर पूरे दिन श्रद्धालुओं से पटा रहा। इसी तरह गुप्त काशी के नाम से प्रसिद्ध घोरावल स्थित शिवद्वार धाम में हजारों भक्तों ने बाबा उमामहेश्वर का दर्शन-पूजन कर अपनी मन्नते मांगी। सोन नदी किनारे गोठानी गांव में विराजमार बाबा शोमनाथ मंदिर में भी भक्तों ने दर्शन-पूजन किया। इसी तरह कोन थाना क्षेत्र में हर हर महादेव की गूंज से समूचा क्षेत्र गुंजायमान रहा। शिव मंदिरों में भोले शंकर को जलाभिषेक करने के लिए भक्तों की भीड़ सुबह से ही देखी गई। श्रद्धालुओं ने बाबा भोलेनाथ को दूध, बेलपत्र व धतूरा व फूल चढ़ाया। मंदिरों के बाहर दूध, बेलपत्र व धतूरा व फूल-माला की दुकानें भी सजी रहीं। मान्यता है कि भक्त इस दिन व्रत रखकर शिवलिंग पर जल, दूध, बेलपत्र आदि अर्पित करते हैं और मंत्र जाप, आरती व रुद्राभिषेक करते हैं। चारों पहर की पूजा अलग-अलग शुभ मुहूर्त में की जाती है, जिससे पूजा का फल कई गुना बढ़ जाता है। महाशिवरात्रि पर शिव मंत्र, महामृत्युंजय मंत्र और शिव आरती का पाठ करने से नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है और सुख-शांति व समृद्धि की प्राप्ति होती है।
