देवल संवाददाता, बलिया। बैरिया तहसील पर समाजवादी पार्टी (सपा) के कार्यकर्ताओं ने सोमवार को उपजिलाधिकारी/सहायक निर्वाचन अधिकारी आलोक प्रताप सिंह से मुलाकात की। उन्होंने मतदाता सूची से नाम हटाने की प्रक्रिया में पारदर्शिता बरतने का आग्रह किया और इस संबंध में एक प्रतिवेदन भी सौंपा।
सपा कार्यकर्ताओं ने मांग की कि प्रपत्र 7 पर किसी दूसरे के हस्ताक्षर से किसी का नाम मतदाता सूची से न काटा जाए। उनका कहना था कि नाम केवल उन्हीं लोगों का काटा जाए जो स्वयं उपस्थित होकर प्रपत्र 7 जमा करें, या उनके पुत्र, पत्नी या पुत्री प्रपत्र 7 लेकर आएं। किसी अन्य व्यक्ति द्वारा जमा किया गया प्रपत्र 7 स्वीकार न किया जाए। उन्होंने यह भी आग्रह किया कि प्रपत्र 7 के आधार पर नाम काटने से पहले उन्हें सूचित किया जाए।
सपा कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि सत्तारूढ़ दल के लोग एक विशेष वर्ग को निशाना बनाकर मतदाता सूची से नाम हटवा रहे हैं। सहायक निर्वाचन अधिकारी ने उनसे उदाहरण मांगा। इस पर सपा कार्यकर्ताओं ने बताया कि बैरिया तहसील में ऐसा कोई मामला सामने नहीं आया है, लेकिन सिकंदरपुर तहसील में सपा विधायक मोहम्मद रिजवी की पत्नी का नाम मतदाता सूची से काट दिया गया है।
उपजिलाधिकारी आलोक प्रताप सिंह ने भरोसा दिलाया कि बैरिया में ऐसा कुछ नहीं होगा। उन्होंने सपा कार्यकर्ताओं से आग्रह किया कि वे लोगों को मैपिंग के लिए जागरूक करें, क्योंकि बार-बार नोटिस के बाद भी लोग मैपिंग के लिए नहीं पहुंच रहे हैं। एसडीएम ने चेतावनी दी कि यदि मैपिंग नहीं हो पाएगी तो नाम सूची से काट दिया जाएगा।
प्रतिवेदन सौंपने वालों में बैरिया सपा अध्यक्ष दशरथ यादव, प्रदेश सचिव संजय मिश्र, विनायक मौर्य, श्यामू ठाकुर, मुन्ना यादव, मुन्ना अंचल सहित दर्जनों सपा कार्यकर्ता शामिल थे।