आमिर, देवल ब्यूरो ,शाहगंज जौनपुर नगर के ऐतिहासिक रामलीला मैदान के सुंदरीकरण को लेकर आयोजित शिलान्यास कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों और नगरवासियों में उत्साह का माहौल देखने को मिला। कार्यक्रम के दौरान विधायक रमेश सिंह ने कहा कि रामलीला मैदान नगर में आयोजित होने वाले सांस्कृतिक और सामाजिक कार्यक्रमों का मुख्य केंद्र रहा है और आने वाले समय में इसका महत्व और बढ़ेगा।
उन्होंने बताया कि हर वर्ष विजया दशमी के अवसर पर मैदान में पानी भर जाने के कारण मेला आयोजन में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता था। जलभराव की समस्या के चलते दुकानदारों, आयोजकों और श्रद्धालुओं को असुविधा होती थी। अब सुंदरीकरण और समुचित व्यवस्था के बाद यह समस्या दूर हो जाएगी और मैदान पहले से अधिक व्यवस्थित एवं आकर्षक दिखाई देगा। विधायक ने विश्वास जताया कि कार्य पूर्ण होने के बाद रामलीला मैदान जिले में अपनी अलग पहचान बनाएगा और यहां बड़े स्तर पर कार्यक्रमों का आयोजन संभव हो सकेगा।
शिलान्यास कार्यक्रम में नगर पालिका अध्यक्ष रचना सिंह, रामलीला समिति के अध्यक्ष घनश्याम जायसवाल, पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष गीता जायसवाल, कमलेश अग्रहरि, वीरेंद्र सिंह ‘बंटी’, महेंद्र वर्मा, कैलाश नाथ जायसवाल, विजय जायसवाल, श्याम जी गुप्ता, राम प्रसाद मोदनवाल सहित नगर के कई गणमान्य लोग मौजूद रहे। सभी ने इस पहल को नगर के विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया।
हालांकि कार्यक्रम के दौरान लगाए गए शिलापट्ट को लेकर भी चर्चा का माहौल बना रहा। रामलीला मैदान के सुंदरीकरण के लिए धनराशि जारी करने वाले विभाग के मंत्री एके शर्मा का नाम शिलापट्ट पर न होने से लोगों में तरह-तरह की बातें होती रहीं। स्थानीय लोगों ने आश्चर्य जताया कि जिनके विभाग से इस कार्य के लिए राशि स्वीकृत हुई, उनका नाम ही अंकित नहीं किया गया।
इसके अलावा शिलापट्ट पर कुछ ऐसे नेताओं के नाम भी दर्ज पाए गए, जिनका इस कार्य से प्रत्यक्ष रूप से कोई संबंध नहीं बताया जा रहा है और न ही नाम लिखे जाने का कोई स्पष्ट प्रोटोकॉल सामने आया। इस मुद्दे को लेकर कार्यक्रम स्थल पर उपस्थित लोगों के बीच काफी देर तक चर्चा चलती रही।
नगरवासियों को उम्मीद है कि सुंदरीकरण कार्य पूरा होने के बाद रामलीला मैदान न केवल धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजनों का प्रमुख केंद्र बनेगा, बल्कि नगर की पहचान और गौरव को भी नई ऊंचाई देगा।