देवल, ब्यूरो चीफ,सोनभद्र। नगर के रामलीला प्रांगण में आयोजित रासलीला के चतुर्थ दिवस कालिया नाग के मान मर्दन की लीला का मंचन किया गया। वृन्दावन से आए कलाकारों ने शानदार लीला का मंचन कर लीला प्रेमियों को मंत्रमुग्ध कर दिया।
श्री कृष्ण रासलीला के मंचन के दौरान कलाकारों द्वार दिखाया गया कि श्रीकृष्ण मित्रों के साथ यमुना नदी के किनारे गेंद से खेल रहे थे। भगवान ने जोर से गेंद फेंकी और वो यमुना में जा गिरी। गेंद भारी होने से वो सीधे यमुना के तल पर चली गई। समस्या यह थी कि उस समय यमुना में कालिया नाग रहता था। पांच फनों वाला नाग बहुत खतरनाक और विषधर था। उसके विष से यमुना काली हो रही थी और उसी जहर के कारण गोकुल के पशु यमुना का पानी पी कर मर रहे थे। कान्हा बहुत छोटे थे, लेकिन मित्रों के जोर के कारण उन्होंने तय किया कि गेंद वो ही निकाल कर लाएंगे। कान्हा ने यमुना में छलांग लगा दी। कृष्ण ने कालिया नाग की पूंछ पकड़कर उसे मारना शुरू कर दिया। कालिया नाग अपने प्राण की रक्षा के लिए कृष्ण से दुहाई देने लगा। कृष्ण ने उसे यमुना छोड़कर समुद्र में जाने के लिए वचबद्ध किया। इसके बाद कालिया नाग के फन पर नृत्य किया। इस तरह भगवान कृष्ण ने मथुरावासियों को कालिया नाग के साथ यमुना को उसके विष से मुक्ति दिलाई। इससे पूर्व बांके बिहारी की अनुपम छटा की भव्य आरती की गई। इस अवसर पर समिति के संरक्षक जितेंद्र सिंह, कृष्ण मुरारी गुप्ता, संयोजक रामप्रसाद यादव, अध्यक्ष सचिन गुप्ता, महामंत्री धीरज जालान, राकेश गुप्ता, बचाऊं पाण्डेय, संदीप चौरसिया अशोक श्रीवास्तव मनोज सिंह, हर्षवर्धन, राजेश सोनी सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।
