बीजेपी सासंद निशिकांत दुबे ने कांग्रेस सासंद राहुल गांधी की संसदीय सदस्यता खत्म करने के प्रस्ताव को लेकर नोटिस दिया है। ये नोटिस तब दिया गया है जब राहुल गांधी ने बीते दिन इंडिया-US ट्रेड डील और यूनियन बजट पर सवाल खड़े किए थे।
बीजेपी सांसद ने राहुल गांधी पर आरोप लगाया कि वह बिना तथ्यों के आरोप लगा रहे हैं। बीते दिन लोकसभा में कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने राजनीति को मार्शल आर्ट से जोड़ते हुए कहा कि जैसे खेल में 'ग्रिप' और 'चोक' होती है। इसपर संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने आपत्ति जाहिर की थी। अब अगर राहुल गांधी के खिलाफ विशेषाधिकार हनन का मामला सदन में आगे बढ़ता है तो उनकी चुनौती बढ़ सकती है।
आरोपों और शब्दों को लेकर नोटिस
राहुल गांधी के भाषण में आरोपों को रिकॉर्ड से हटाने के लिए नोटिस दिया गया है। इसके साथ ही कुछ शब्दों को लेकर भी नोटिस दिया गया है। सचिवालय में दाखिल इस नोटिस में कहा गया है कि राहुल गांधी ने असंसदीय भाषा का उपयोग किया। तथ्यों पर आधारित न होने वाले आरोप लगाए। सदन की मर्यादा का उल्लंघन किया गया है। ये नोटिस लोकसभा की कार्यसूची और नियमावली के अनुसार, Rule 380 के तहत दी गई है।
राहुल गांधी ने विशेषाधिकार नोटिस को लेकर क्या कहा?
राहुल गांधी विशेषाधिकार हनन के नोटिस पर पत्रकारों के सवाल पर कहा, "आपलोगों की वे लोग कीवर्ड्स देते हैं क्या?"
पहले जा चुकी है राहुल गांधी की सदस्यता
साल 2023 में राहुल गांधी के 2019 में लोकसभा चुनाव के दौरान कर्नाटक के कोलार में दिए गए भाषण को लेकर सूरत की एक अदालत ने राहुल गांधी को दो साल की सज़ा सुनाई। इसके तुरंत बाद उनकी लोकसभा सदस्यता रद कर दी गई थी। हालांकि बाद राहुल गांधी की सदस्यता बहाल हो गई थी।