देवल, ब्यूरो चीफ,सोनभद्र। बुधवार को नगर के एक होटल में पीड़ित केन्द्रित न्याय प्रणाली एवं महिला सुरक्षा सम्मेलन का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारम्भ मुख्य अतिथियों ने दीप प्रज्ज्वलित करके किया।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि एवं मुख्य वक्ता के रूप में पद्मश्री से सम्मानित सुनीता कृष्णन उपस्थित रहीं। उनके साथ अहमद अली भी मौजूद रहे। विशिष्ट अतिथि के रूप में पियूष मोरडिया (अपर पुलिस महानिदेशक, वाराणसी जोन), आर.पी. सिंह (पुलिस महानिरीक्षक, विंध्याचल परिक्षेत्र), जिलाधिकारी बी.एन. सिंह, अभिषेक वर्मा (पुलिस अधीक्षक, सोनभद्र), अपर्णा रजत कौशिक (पुलिस अधीक्षक,
मीरजापुर), मुख्य विकास अधिकारी जागृति अवस्थी, अपर पुलिस अधीक्षक मुख्यालय अनिल कुमार, क्षेत्राधिकारी नगर रणधीर मिश्रा सहित वाराणसी जोन के 09 जनपदों के अधिकारी एवं कर्मचारीगण उपस्थित रहे। मुख्य वक्ता डॉ. सुनीता कृष्णन ने बताया कि उन्होंने अब तक लगभग 32,000 से अधिक पीड़ित / पीड़िताओं को चाइल्ड हैरेसमेंट, यौन उत्पीड़न एवं मानव तस्करी से मुक्त कराकर न्याय दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उन्होंने पुलिस अधिकारियों को पीड़ितों के प्रति संवेदनशीलता, गोपनीयता और त्वरित न्याय सुनिश्चित करने की आवश्यकता पर बल दिया। सेक्स एवं जेंडर की अवधारणारू लिंग (सेक्स) और सामाजिक लिंग (जेंडर) के बीच अंतर स्पष्ट करते हुए लैंगिक असमानता को अपराधों की जड़ बताया गया। नेचर ऑफ क्राइम अगेंस्ट वूमेनरू घरेलू हिंसा, यौन उत्पीड़न, मानव तस्करी, साइबर अपराध जैसे बदलते अपराध स्वरूपों पर चर्चा की। क्रिमिनल जस्टिस सिस्टम एवं अन्य स्टेकहोल्डसर्स पुलिस, अभियोजन, न्यायालय, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, वन स्टॉप सेंटर, बाल कल्याण समिति और सामाजिक संस्थाओं की समन्वित भूमिका पर बल दिया। सम्मेलन में महिला आरक्षियों को निर्देशित किया गया कि मिशन शक्ति केन्द्रों पर आने वाली प्रत्येक पीड़िता के साथ सम्मानजनक, गोपनीय और सहानुभूतिपूर्ण व्यवहार किया जाए तथा उन्हें विधिक, चिकित्सीय एवं मनोवैज्ञानिक सहायता हर संभव स्तर पर उपलब्ध कराई जाए।
