वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने शुक्रवार को कहा कि टैरिफ पर अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद के घटनाक्रमों पर भारत की नजर है। एक कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री ने बताया कि प्रस्तावित अंतरिम व्यापार समझौते पर संयुक्त बयान में परिस्थितियां बदलने पर समझौते का संतुलन फिर से स्थापित करने का प्रावधान है।
केंद्रीय मंत्री का यह बयान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप की ओर से सभी व्यापारिक साझेदारों पर 150 दिनों के लिए 10 प्रतिशत टैरिफ लगाने के फैसले के बाद आया है।
ट्रंप ने टैरिफ को बढ़ाने की दी धमकी
यह अस्थायी 10 प्रतिशत टैरिफ 24 फरवरी को लागू किया गया, जब अमेरिका के सुप्रीम कोर्ट ने राष्ट्रपति ट्रंप के अप्रैल 2025 में सभी आयातों पर प्रतिकारी टैरिफ लगाने के निर्णय को खारिज कर दिया था। 24 फरवरी को ही ट्रंप ने टैरिफ को 15 प्रतिशत तक बढ़ाने की भी घोषणा की थी।
सात फरवरी को जारी एक संयुक्त बयान में कहा गया था कि यदि किसी भी देश की सहमति से तय किए गए टैरिफ में कोई बदलाव होता है, तो अमेरिका और भारत सहमत हैं कि दूसरा देश अपनी प्रतिबद्धताओं को संशोधित कर सकता है। गोयल ने इस बयान का उल्लेख करते हुए कहा कि यह बताता है कि समझौते की पवित्रता दोनों तरफ है।
भारतीय वस्तुओं पर टैरिफ को घटाएगा अमेरिका
समझौते के तहत, अमेरिका ने घोषणा की थी कि वह भारतीय वस्तुओं पर प्रतिकारी टैरिफ को 25 प्रतिशत से घटाकर 18 प्रतिशत करेगा। अमेरिका ने भारत पर लगाए गए 25 प्रतिशत दंडात्मक टैरिफ को भी हटा दिया है।
दोनों पक्षों ने कई वस्तुओं पर आयात शुल्क को कम करने पर भी सहमति जताई। भारत ने सभी अमेरिकी औद्योगिक वस्तुओं और कई खाद्य व कृषि उत्पादों पर टैरिफ को समाप्त या कम करने पर सहमति जताई है।