आमिर, देवल ब्यूरो ,जौनपुर। जनपद के गौरव, स्वतंत्रता संग्राम सेनानी एवं पूर्व राज्यसभा सांसद प्रकाश मेहरोत्रा की 101वीं जन्म जयंती पर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की गई। इस अवसर पर रिटायर्ड मजिस्ट्रेट विनय कुमार सिंह ने उनके व्यक्तित्व एवं कृतित्व को स्मरण करते हुए कहा कि प्रकाश मेहरोत्रा का जीवन संघर्ष, सादगी और राष्ट्रसेवा का अद्भुत उदाहरण रहा है।
उन्होंने बताया कि प्रकाश मेहरोत्रा का जन्म 26 फरवरी 1925 को जौनपुर नगर के रासमंडल मोहल्ले में एक प्रतिष्ठित परिवार में हुआ था। किशोरावस्था में ही वे राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के आह्वान से प्रेरित होकर 1942 के भारत छोड़ो आंदोलन में कूद पड़े। आंदोलन में सक्रिय भागीदारी के कारण उन्हें जेल की यातनाएं भी सहनी पड़ीं, किंतु उनके इरादे अडिग रहे।
स्वतंत्रता प्राप्ति के बाद उन्होंने सक्रिय राजनीति में कदम रखा और जनसेवा को अपना ध्येय बनाया। वे आगे चलकर राज्यसभा सदस्य निर्वाचित हुए और राष्ट्रीय स्तर की राजनीति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनके अनुभव और प्रशासनिक दक्षता को देखते हुए उन्हें असम और मेघालय का राज्यपाल नियुक्त किया गया। इसके अतिरिक्त वे लंदन में भारत के उच्चायुक्त जैसे प्रतिष्ठित पद पर भी आसीन रहे, जहां उन्होंने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का प्रतिनिधित्व किया।
विनय कुमार सिंह ने बताया कि उनका परिवार भी स्वतंत्रता आंदोलन से जुड़ा रहा और प्रकाश मेहरोत्रा से उनके पारिवारिक संबंध थे। उन्होंने कहा कि मेहरोत्रा अत्यंत सरल, सौम्य और गांधीवादी विचारधारा के व्यक्ति थे। जौनपुर प्रवास के दौरान वे आम कार्यकर्ताओं के साथ जमीन पर बैठकर भोजन करते और स्वच्छता अभियानों में स्वयं झाड़ू लगाकर श्रमदान करते थे।
उन्होंने स्मरण किया कि आपातकाल के दौर में वे राज्यसभा पहुंचे और राजनीतिक जीवन में कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाईं। हालांकि लंदन में अपने कार्यकाल के दौरान एक पारिवारिक विवाद के चलते उन्हें पद से इस्तीफा देना पड़ा, जिससे उनके सार्वजनिक जीवन पर प्रभाव पड़ा। बाद के वर्षों में वे गंभीर बीमारी से ग्रसित हो गए और अंततः उनका निधन हो गया।
विनय कुमार सिंह ने कहा कि जौनपुर की धरती के इस सपूत ने जनपद को राष्ट्रीय पहचान दिलाई। वे जौनपुर के प्रथम अवयस्क स्वतंत्रता सेनानी, प्रथम राज्यसभा सांसद, प्रथम राज्यपाल तथा प्रथम हाईकमिश्नर रहे। उनकी सादगी, ईमानदारी और राष्ट्रनिष्ठा सदैव समाज को प्रेरित करती रहेगी।
101वीं जयंती के अवसर पर उपस्थित लोगों ने उन्हें कोटिशः नमन करते हुए कहा कि प्रकाश मेहरोत्रा का जीवन नई पीढ़ी के लिए आदर्श और प्रेरणास्रोत है।