अमेरिका में काम करने के इच्छुक भारतीय पेशेवरों के लिए साल 2026 की शुरुआत बड़ी मुश्किलों के साथ हुई है। ट्रंप प्रशासन की वीजा नीतियों में हुए बदलाव के कारण अब भारत के सभी प्रमुख वाणिज्य दूतावासों में H-1B वीजा के साक्षात्कार (Interview) के लिए कोई भी नया स्लॉट उपलब्ध नहीं है।
दिल्ली, मुंबई, चेन्नई, हैदराबाद और कोलकाता स्थित वीजा कार्यालयों में अब नियमित साक्षात्कार के लिए स्लॉट उपलब्ध नहीं हैं। आलम यह है कि जनवरी-फरवरी 2026 की नियुक्तियों को भी सीधे अप्रैल-मई 2027 तक के लिए टाल दिया गया है।
आव्रजन विशेषज्ञों की मानें तो फिलहाल स्थिति में कोई सुधार की उम्मीद नहीं है। विभाग की वेबसाइट पर कई जगहों पर, जिनमें कोलकाता और दिल्ली भी शामिल हैं, याचिका-आधारित (एच, एल, ओ, पी, क्यू) वीजा के लिए आवश्यक साक्षात्कार हेतु अगली उपलब्ध अपॉइंटमेंट के लिए प्रतीक्षा अवधि 'उपलब्ध नहीं' दिखाई दे रही है।
क्यों हो रही देरी?
यह सब ट्रंप प्रशासन के H1-B वीजा के नियमों में हुए बदलाव के कारण हो रहा है। 29 दिसंबर, 2025 को अमेरिकी नागरिकता और आव्रजन सेवा ने वित्तीय वर्ष 2027 के लिए नए नियम प्रकाशित किए थे। 85,000 वीजा की वार्षिक सीमा अपरिवर्तित बनी हुई है, जिसमें से 20,000 वीजा अमेरिकी स्नातकोत्तर डिग्री धारक आवेदकों के लिए आरक्षित हैं।
सोशल मीडिया की जांच
इसके अलावा अमेरिका ने वीजा आवेदकों के लिए सोशल मीडिया की अनिवार्य जांच शुरू कर दी है। इस अतिरिक्त जांच से प्रत्येक आवेदक के लिए प्रक्रिया में लगने वाला समय बढ़ गया है और दूतावासों द्वारा प्रतिदिन आयोजित किए जाने वाले साक्षात्कारों की संख्या कम हो गई है।
कुछ अपवादों को छोड़कर, अमेरिका अब तीसरे देशों में वीजा जारी करने की अनुमति नहीं देता है। इसका मतलब है कि भारतीयों के लिए पूरी मांग भारत में स्थित दूतावासों द्वारा पूरी की जानी है, जिससे देरी बढ़ गई है। इमिग्रेशन अटॉर्नी एमिली न्यूमैन ने कहा कि पिछले 50 दिनों में उन्हें भारत के लिए वीजा इंटरव्यू के नए स्लॉट खुलने की कोई जानकारी नहीं मिली है।