देवल संवाददाता, विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) के नए नियमों को लेकर देशभर में विरोध प्रदर्शन तेज हो गए हैं। इसी कड़ी में बलिया कलक्ट्रेट में बुधवार को कलक्ट्रेट बार एसोसिएशन के सदस्यों ने जोरदार प्रदर्शन किया। उन्होंने प्रधानमंत्री को संबोधित एक ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपा।
प्रदर्शन के दौरान अधिवक्ताओं ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। उन्होंने यूजीसी के नए कानूनों में किए गए बदलावों पर अपनी आपत्ति व्यक्त की।
कलक्ट्रेट बार एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष एडवोकेट मदन वर्मा ने कहा कि सरकार ने यूजीसी कानून में जो बदलाव किए हैं, अधिवक्तागण उसका विरोध कर रहे हैं। उन्होंने इन बदलावों को भाजपा की 'जात-पात में बांटने' की नीति का हिस्सा बताया, जिससे वर्ग संघर्ष और जाति संघर्ष बढ़ सकता है।
वर्मा ने आगे कहा कि शिक्षा में किसी प्रकार का भेदभाव नहीं होना चाहिए। उनके अनुसार, इस कानून के लागू होने से विश्वविद्यालयों में छात्रों के बीच भेदभाव बढ़ेगा, जिसका असर आम जनमानस पर भी पड़ेगा। उन्होंने इसे एक 'खतरनाक संशोधन' बताते हुए सरकार से इस कानून को तत्काल वापस लेने की मांग की।