देवल संवाददाता, बलिया ,प्रयागराज में शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद और माघ मेला प्रशासन के बीच विवाद गहराता जा रहा है। इस मामले में अब बलिया के एक पूर्व भाजपा विधायक ने प्रशासन की कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं।
पूर्व विधायक ने भाजपा नेत्री उमा भारती के बयान का समर्थन करते हुए कहा कि प्रशासन को किसी भी हिंदू के पूज्य लोगों से 'सर्टिफिकेट' मांगने का कोई औचित्य नहीं है। उन्होंने जोर देकर कहा कि यह बात वह पहले भी कह चुके हैं और आज भी दोहरा रहे हैं।
उन्होंने शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद को एक 'मर्यादित और उच्च शिखर साधना के व्यक्तित्व' बताया। पूर्व विधायक ने कहा कि प्रशासन ने यदि गलती की है तो उसे माफी मांगनी चाहिए।
यह पूछे जाने पर कि क्या प्रशासन ने गलती की है, पूर्व विधायक ने स्पष्ट किया कि किसी भी प्रशासन का उद्देश्य पूज्य लोगों को अपमानित करना नहीं होता। उन्होंने बताया कि शंकराचार्य रथ सहित स्नान करने जा रहे थे, जिससे भीड़ और भगदड़ की स्थिति बन सकती थी।
पूर्व विधायक के अनुसार, प्रशासन ने अप्रिय घटना को रोकने के लिए यह कदम उठाया था, और इस पर किसी को दुखी नहीं होना चाहिए। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि यदि किसी को दुख पहुंचा है, तो प्रशासन को उनसे क्षमा मांग लेनी चाहिए।