देवल संवाददाता, गोरखपुर ।मकर संक्रांति पर्व पर गोरक्षपीठाधीश्वर एवं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ बृहस्पतिवार (15 जनवरी) को ब्रह्म मुहूर्त में गुरु गोरखनाथ को खिचड़ी चढ़ाकर समूचे जनमानस की सुख-समृद्धि की मंगलकामना करेंगे। हालांकि बाबा गोरखनाथ को खिचड़ी चढ़ाने के लिए श्रद्धालुओं के आने का सिलसिला मंगलवार रात (13 जनवरी) से ही शुरू हो गया।
तमाम श्रद्धालु बुधवार को भी खिचड़ी चढ़ाएंगे जबकि बृहस्पतिवार को यहां आस्था का जनसमुद्र दिखेगा। सूर्यदेव के उत्तरायण होने पर खिचड़ी चढ़ाने की यह अनूठी परंपरा पूरी तरह लोक को समर्पित है। मान्यता है कि महायोगी गुरु गोरखनाथ को खिचड़ी चढ़ाकर मन्नत मांगने वाला कभी निराश नहीं होता।
अरुणोदय काल में मकर संक्रांति का पर्व बृहस्पतिवार को मनाया जाएगा। इस दिन उत्तर प्रदेश, बिहार और देश के विभिन्न भागों के साथ-साथ पड़ोसी राष्ट्र नेपाल से भी लाखों की संख्या में श्रद्धालु बाबा गोरखनाथ को खिचड़ी चढ़ाएंगे।
आनुष्ठानिक कार्यक्रमों का शंखनाद बृहस्पतिवार भोर में ही हो जाएगा। सबसे पहले गोरक्षपीठ की तरफ से पीठाधीश्वर योगी आदित्यनाथ खिचड़ी चढ़ाकर बाबा को भोग अर्पित करेंगे। इसके बाद मंदिर के कपाट खोल दिए जाएंगे और जनसामान्य की आस्था, खिचड़ी के रूप में निवेदित होनी शुरू हो जाएगी।
खिचड़ी मेला परिसर सजधज कर तैयार
मंदिर व प्रशासन की ओर से खिचड़ी पर्व को लेकर श्रद्धालुओं की सुरक्षा व सुविधा के व्यापक प्रबंध किए गए हैं। गोरक्षपीठाधीश्वर एवं मुख्यमंत्री खुद सभी व्यवस्थाओं पर नजर बनाए हुए हैं। मकर संक्रांति को लेकर मंदिर व मेला परिसर सज धजकर पूरी तरह तैयार है।
समूचा मंदिर क्षेत्र सतरंगी रोशनी में नहाया हुआ है। यहां श्रद्धालुओं के आने का सिलसिला मंगलवार रात से ही शुरू हो गया है। मंदिर प्रबंधन की तरफ से उनके ठहरने और अन्य सुविधाओं का इंतजाम किया गया है। प्रशासन की तरफ से रैन बसेरों में भी पूरी व्यवस्था की गई है।
मेले में पांच बेड किए गए सुरक्षित
गोरखनाथ खिचड़ी मेले के दौरान श्रद्धालुओं की स्वास्थ्य सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए विशेष हेल्थ कैंप की व्यवस्था की गई है। मेले में पांच बेड का सुरक्षित हेल्थ कैंप स्थापित किए गए हैं। श्रद्धालुओं की जांच के लिए हेल्थ एटीएम भी लगाए गए हैं, जिससे बीपी, शुगर सहित अन्य जांच आसानी से की जा सकें।
स्वास्थ्य विभाग की ओर से 24 घंटे दवाओं की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की गई है ताकि किसी भी आपात स्थिति में तत्काल इलाज मिल सके। साथ ही मरीजों को जिला अस्पताल या मेडिकल कॉलेज भेजने के लिए एंबुलेंस की तैनाती की गई है। हेल्थ कैंप के संचालन के लिए हर शिफ्ट में 10 स्वास्थ्यकर्मी तैनात हैं जो लगातार सेवाएं दे रहे हैं।