पेड़ों के गैरों में पीली ईंट और बालू का धड़ल्ले से इस्तेमाल
कृष्ण, देवल ब्यूरो, अंबेडकर नगर ।अंबेडकरनगर जनपद के भीटी क्षेत्र में वन विभाग द्वारा पेड़ों की सुरक्षा के लिए बनाए जा रहे गैरों में भारी अनियमितता सामने आ रही है। नियमों और मानकों को ताक पर रखकर इन गैरों के निर्माण में पीली ईंट और बालू का प्रयोग किया जा रहा है, जिससे सरकारी धन के दुरुपयोग और गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।स्थानीय लोगों का कहना है कि वन विभाग का उद्देश्य पेड़ों को सुरक्षित करना है, लेकिन घटिया सामग्री के इस्तेमाल से न तो पेड़ों की सही सुरक्षा हो पा रही है और न ही यह निर्माण लंबे समय तक टिकाऊ साबित होगा। विशेषज्ञों के अनुसार पीली ईंट और अधिक बालू के प्रयोग से बने गैर जल्द ही कमजोर हो जाते हैं, जिससे हल्की बारिश या समय के साथ इनके ढहने का खतरा बना रहता है।बताया जा रहा है कि शासन द्वारा निर्धारित मानकों के अनुसार ऐसे निर्माण कार्यों में पक्की और मजबूत सामग्री का उपयोग किया जाना चाहिए, लेकिन भीटी क्षेत्र में मानकों की खुलेआम अनदेखी की जा रही है। इस लापरवाही से न केवल पर्यावरण संरक्षण की मंशा पर पानी फिर रहा है, बल्कि भ्रष्टाचार की बू भी साफ महसूस की जा रही है।ग्रामीणों ने मांग की है कि इस पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कराई जाए और दोषी अधिकारियों व ठेकेदारों के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो। यदि समय रहते जांच नहीं हुई तो “पेड़ों की सुरक्षा” के नाम पर यह खेल यूं ही चलता रहेगा और हरित संरक्षण केवल कागजों तक सीमित रह जाएगा।