देवल संवाददाता,गाजीपुर।राज्य कर कार्यालय, प्रकाश नगर गाजीपुर में व्यापारी संवाद कार्यक्रम के अन्तर्गत ईट भट्टा स्वामियों के साथ एक बैठक का आयोजन अपर आयुक्त राज्य कर, गेड-1, वाराणसी जोन प्रथम वाराणसी की अध्यक्षता में किया गया। जिसमें यह निर्णय लिया गया कि रु० 200000.00 से कम वार्षिक कर देने वाले भट्टों का प्रति माह, रु० 200000.00 से रु० 500000.00 तक वार्षिक कर देने वाले भट्टों का प्रति दूसरे माह एवं रु० 500000.00 से उपर वार्षिक कर देने वाले भट्ठो का रेण्डम सर्वे किया जायेगा । जनपद-गाजीपुर में पंजीकृत रहें 383 भट्ठे जिन्होंने वर्ष 2022-23, 2023-24, 2024-25 में स्पेशल रेट आफ टैक्स अर्थात समाधान की देयता 6ः ¼SGST 3% o CGST 3%½ की देयता है, किन्तु समाधान के भट्टठो को ITC का लाभ नियमानुसार अनुमन्य नहीं है। जबकि जनपद गाजीपुर में कुल पंजीकृत 383 भट्ठों में से 6 प्रतिशत समाधान धारक कुल 362 भट्ठे हैं, जिन्होंने अविधिक रुप से इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) का एडजस्टमेण्ट देय टैक्स में करते हुए रिटर्न फाईल किया गया है जबकि समाधान धारक भट्टों को नियमानुसार आईटीसी का लाभ अनुमन्य नहीं है। इस तरह कुल 394 रिटनों में भट्टों द्वारा अविधिक रुप से क्लेम आईटीसी को रिवर्स करके टैक्स देयता के निर्धारण की कार्यवाही प्रारम्भ कर दी गयी है। बैठक में मुख्य रुप से सुरेन्द्र बहादुर, संयुक्त आयुक्त (कार्यपालक) राज्य कर, सम्भाग-वी, वाराणसी, उपायुक्त जयसेन, सर्वेश कुमार सिंह, विवेक मिश्रा एवं सहायक आयुक्त प्रभात कुमार सिंह, डा० सतीश कुमार सिंह, राजेश ओझा तथा महामंत्री ईट निर्माता समिति- लल्लन सिंह, भडा स्वामी संजय सिंह, पवन कुमार, आशुतोष राय आदि उपस्थित रहें ।