देवल, ब्यूरो चीफ,सोनभद्र। धर्मा फाउंडेशन नशा मुक्ति केन्द्र सोनभद्र में गणतंत्र दिवस के शुभअवसर पर कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया। इस दौरान दीप प्रज्जवलित कर मां के स्तवन पश्चात मेघ दिवाकर दिवेदी ने वाणी वंदना किया। प्रदुम्न
त्रिपाठी एड शहीद स्थल करारी ने पार्थ के गांडीव की टंकार है कविता, समता सदभाव प्यार है कविता, भूखे को देती भोजन, प्यासे को देती पानी, सीमां की निगहबान पहरेदार है कविता सुनाकर महफिल को लूट लिया। प्रभात सिंह चंदेल ने सफल संचालन करते हुए, मेरे मस्तक पर हिंदुस्तान लिख देना सुनाकर ओज को परिभाषित किया। कौशल्या कुमारी चौहान ने, मुझको अबला मत समझो मैं झांसी वाली रानी हूं सुनाकर राष्ट्र अनुराग जगाया। दिलीप सिंह दीपक ने तुम सब कुछ बेंच दो लेकिन हिंदुस्तान मत बेचो सुनाकर सत्ता को नसीहत दी। शायर अशोक तिवारी ने मैने तुमसे प्यार किया और क्या किया। धर्मेश चौहान ने बडा ही सुंदर मेरा प्यारा हिंदुस्तान, मेघ दिवाकर दिवेदी ने आदमी बनने की तमीज को अभिव्यक्ति दी। अजय चतुर्वेदी कक्का ने, देश को मत खाई में ठेल यूजीसी पर सशक्त हास्य व्यंग्य के माध्यम से शासन के निर्णय को चुनौती दी। विवेक चतुर्वेदी ने गंभीर शायरी कर लोगों को झकझोरा, तो वहीं अध्यक्षता करते हुए गीतकार ईश्वर विरागी ने जागरण कर, एकता के गीत गुनगुनाए। मौके पर सदर विधायक भूपेश चौबे, कांग्रेस के राजेश दिवेदी, मृदुल मिश्रा, भाजपा नेता अजीत चौबे, धर्मवीर तिवारी, अशोक मिश्रा, रमेश मिश्रा, वरिष्ठ पत्रकार विजय शंकर चतुर्वेदी, बार अध्यक्ष अशोक श्रीवास्तव, महामंत्री योगेश कुमार दिवेदी, महेन्द्र शुक्ल, कल्लू पाठक, जयशंकर त्रिपाठी, सनोज तिवारी, राहुल श्रीवास्तव आदि मौजूद रहे।
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