आमिर, देवल ब्यूरो ,मुंगराबादशाहपुर , जौनपुर । भारतीय जनता पार्टी मुंगराबादशाहपुर विधानसभा में अटल स्मृति जन्म शताब्दी समारोह मनाया गया । वक्ताओं ने अटल बिहारी बाजपेई के जीवन से आज के युवाओं को भी प्रेरणा लेनी चाहिए उनके बताएं मार्ग पर हम सबको चलना चाहिए । उक्त बातें भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष हरिश्चन्द्र सिंह ने स्थानीय नगर के सृष्टि पैलेस में आयोजित अटल स्मृति जन्म शताब्दी समारोह में बतौर मुख्य वक्ता सम्बोधित करते हुए कही । उन्होंने कहा कि भारत रत्न श्रध्येय अटल बिहारी वाजपेयी जी विराट व्यक्तित्व और मर्म को महसूस कर नापतोल कर शब्द रखने वाले वाक पटु वक्ता थे। पूर्व प्रधानमन्त्री भारत रत्न स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेई को हम सभी भारत वासियों की ओर से उनकी जन्म शताब्दी वर्ष पर श्रद्धा सुमन अर्पित करते हैं। उन्होंने उनके जीवन के कई ऐसे वृत्तांत बताते हुए उनके जीवन पर विस्तार से प्रकाश डाला साथ ही अटल बिहारी जी के जीवन से आज के युवाओं को भी प्रेरणा लेनी चाहिए और उनके बताएं मार्ग पर हम सबको चलना चाहिए । सांसद सीमा द्विवेदी ने कहा कि संगठन से सत्ता तक उनका यह भाषण केवल शब्द नहीं थे बल्कि भारतीय राजनीति की उस यात्रा का है जहां उन्होंने सत्ता की सीढ़िया तक की यात्रा किया । जिलाध्यक्ष अजीत प्रजापति ने कहा कि अटल बिहारी वाजपेई भारतीय राजनीति के एक ऐसे राजनेता थे जिनका विपक्ष भी सम्मान करता था । पालिकाध्यक्ष कपिलमुनि ने अटल जी के जीवन पर प्रकाश डालते हुए कहा कि अटल जी का विराट व्यक्तित्व देशवासियों को प्रेरणा दे रहा है । हम सबको उनके बताएं मार्ग पर चलना चाहिए । भाजपा नेता डॉ0 अर्चना शुक्ला ने कहा कि अटल बिहारी वाजपेई भारतीय राजनीति में उस पीढ़ी के प्रतिनिधि थे उनकी यात्रा किसी राजवंश की देन नहीं थी । उनकी यह यात्रा संघ की शाखाओं में अनुशासन सीखने से प्रारम्भ होती है उन्होंने कहा कि उस संसद में जहां पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय जवाहर लाल नेहरू जी जैसे वैश्विक नेता उपस्थित थे । वर्ष 1967 में जनसंख्या की राजनीतिक स्वीकारता बढी । अटल बिहारी वाजपेयी पहली बार सरकार के निकट पहुंचे । 1977 में आपातकाल के बाद जनता पार्टी सरकार बनी।वर्ष 1980 में भारतीय जनता पार्टी का गठन हुआ । वर्ष 1984 में मात्र दो सीटे परन्तु अटल बिहारी वाजपेई जी ने उस समय सत्ता की शॉर्टकट राजनीति नहीं चुनी। वर्ष1996 में अटल बिहारी पहली बार देश के प्रधानमंत्री बने। उनकी 13 दिन की सरकार रही और वह पराजय नहीं थी। वह सिद्धांत की विजय थी।वर्ष 1998 में अटल बिहारी जी पुनः प्रधानमंत्री बने। भारत ने पोखरण में परमाणु परीक्षण कर आत्मनिर्भर सुरक्षा नीति की घोषणा की। 1999 में कारगिल युद्ध के समय उनका नेतृत्व स्पष्ट करता है। ऐसे तमाम विषयों को समाहित करते हुए अटल बिहारी वाजपेई के स्मृति पर चर्चा की गई। उन्हें याद किया गया और उन्हें सच्ची श्रद्धा सुमन श्रद्धांजलि अर्पित की गयी । समारोह में जिलाध्यक्ष अजीत प्रजापति , पालिकाध्यक्ष कपिलमुनि , डॉ0 अर्चना शुक्ला , पंकज मिश्रा , सन्तोष मिश्रा , महेन्द्र विजय शुक्ला , गिरीश शर्मा , प्रकाश शुक्ला , अजीत चौहान समेत मुंगराबादशाहपुर विधानसभा क्षेत्र के पाँचो मण्डल के पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे । समारोह का शुभारम्भ अतिथियों द्वारा पण्डित अटल बिहारी वाजपेयी जी के चित्र पर माल्यार्पण के साथ हुआ । समारोह की अध्यक्षता जिलाध्यक्ष अजीत प्रजापति तथा संचालन महेन्द्र विजय शुक्ला ने किया ।
विराट व्यक्तित्व के धनी अटल जी के जीवन से युवाओं को प्रेरणा लेनी चाहिए - हरिश्चन्द्र
जनवरी 01, 2026
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