देवल, ब्यूरो चीफ,डाला, सोनभद्र। नगर पंचायत डाला बाजार के शहीद स्थल पर यात्रियों की सुबिधा के लिए लाखों रूपए की लागत से निर्मित यात्री शेड भवन अपनी दुर्दशा पर आंसू बहा रहा है। नपं डाला बाजार के अधिशासी अधिकारी व अध्यक्षा की उदासीनता से रात्रि में यहां प्रकाश की कोई व्यवस्था न होने से यात्रियों को अंधेरे में अपनी जान जोखिम में डालकर वाहनों का इंतजार करना पड़ रहा है।
भरोसेमंद सूत्रों ने बताया कि नगर पंचायत डाला बाजार पर्वतीय क्षेत्र में भ्रष्टाचार अब खुलकर सामने आ चुका है, जहां जिम्मेदार अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों को न तो नगरवासियों की चिंता है और न ही यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा की कोई परवाह। नगर पंचायत के वार्ड में स्थित शहीद स्थल पर निर्मित यात्री शेड इन दिनों अंधेरे में डूबा हुआ है। यहां से प्रतिदिन हजारों यात्री विभिन्न राज्यों के लिए आवागमन करते हैं, लेकिन रात्रि के समय यात्री शेड पूरी तरह अंधेरे में डूबा रहता है। यात्रियों की सुविधा के लिए सरकार द्वारा बनाए गए यात्री शेड और शौचालय में कुछ दिनों तक ही बिजली व्यवस्था रही, लेकिन बीते लगभग छह महीनों से यहां अंधेरा कायम है। यात्रियों की सुरक्षा व सुबिधा के मद्देनजर नगर पंचायत डाला बाजार के जिम्मेदार यहां पर प्रकाश के लिए एक बल्ब की भी व्यवस्था नहीं करवा पा रहे हैं। मजबूरी में यात्री अंधेरे में बैठकर वाहनों का इंतजार करने को मजबूर हैं। रात्रि में अंधेरे में तब्दील यात्री शेड भवन में खासकर महिलाओं, बुजुर्गों और बच्चों को विशेष परेशानी का सामना करना पड़ रहा है, साथ ही दुर्घटना और असामाजिक तत्वों के खतरे से भी इनकार नहीं किया जा सकता।स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि नगर पंचायत में विकास के नाम पर केवल कागजी घोड़े दौड़ाए जा रहे हैं। जबकि जमीनी हकीकत पूरी तरह अलग है। सरकारी धन का दुरुपयोग और जिम्मेदारों की उदासीनता ने नगर पंचायत को भ्रष्टाचार का केंद्र बना दिया है। आरोप है कि यहां के जिम्मेदारों द्वारा जनता की सुविधाओं को दरकिनार कर भ्रष्टाचार और लापरवाही को प्राथमिकता दी जा रही है। उधर लगाए जा रहे आरोपों के बावत नगर पंचायत डाला बाजार के अधिशासी अधिकारी के सीयूजी मोबाइल नंबर 8189078523 पर काल कर उनका पक्ष जानने का प्रयास किया गया, लेकिन उनका नंबर आफ रहा। लिहाजा उनका पक्ष नहीं लिया जा सका।
