पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की हत्या को लेकर सोशल मीडिया पर तरह-तरह के दावे किए जा रहे हैं। इस बीच उनकी पार्टी के सांसद ने दावा किया है कि इमरान खान अभी जिंदा है। वह अभी अडियाला जेल में ही है। सरकार ने भी इमरान खान की हत्या से इनकार कर दिया है।
खुर्रम जीशान ने आरोप लगाया कि इमरान खान को परेशान करके देश छोड़ने के लिए मजबूर किया जा रहा है। जीशान ने कहा कि पाकिस्तान छोड़ने के लिए दबाव बनाने की रणनीति के तहत ही पूर्व प्रधानमंत्री को अलग-थलग रखा जा रहा है।
इमरान खान की लोकप्रियता से डरी पाकिस्तान सरकार
इमरान खान की पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) से जुड़े खुर्रम जीशान ने समाचार एजेंसी एएनाई से बातचीत करते हुए बताया कि देश में शासन इमरान खान की लोकप्रियता से भयभीत और डरा हुआ है, यही वजह है कि उन्होंने उनकी कोई भी तस्वीर या वीडियो जारी करने की अनुमति नहीं दी है। पाकिस्तान में सत्तारूढ़ सरकार खतरे में दिख रही है, उन्हें डर है कि एक भी तस्वीर जनता का समर्थन जुटा सकती है।
गौरतलब है कि इस सप्ताह की शुरुआत में अफगानिस्तान के कई सोशल मीडिया हैंडलों ने दावा किया था कि इमरान खान की रावलपिंडी की जेल के अंदर हत्या कर दी गई है। इमरान खान को लेकर यह अफवाहें ऐसे समय में उड़ी जब पाकिस्तानी अधिकारी अदालती आदेश के बावजूद पिछले एक महीने से खान को उनके फैमिली से मिलने की अनुमति नहीं दे रहे हैं।
खुर्रम जीशान ने एएनाई से बाततीच के दौरान बताया कि यह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्हें लगभग एक महीने से अलग-थलग रखा गया है और उनके परिवार, उनके वकीलों और यहां तक कि पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ के वरिष्ठ नेतृत्व को भी उनसे मिलने की अनुमति नहीं दी गई है। यह मानवाधिकारों का पूर्ण उल्लंघन है। ऐसा लगता है कि वे उन्हें किसी चीज के लिए मजबूर करने की कोशिश कर रहे हैं।
जिंदा होने की गारंटी
अफवाहों खंडन करते हुए जीशान ने कहा कि पिछले कुछ दिनों में हमें गारंटी दी गई है, हमें आश्वासन दिया गया है। वह जीवित हैं और वर्तमान में अदियाला जेल में बंद हैं। वह ठीक हैं। जीशान ने आरोप लगाया कि इमरान खान को देश छोड़ने और चुप रहने के लिए दबाव बनाया जा रहा है।
देश छोड़ने को मजबूर किया जा रहा
जीशान ने कहा कि इमरान खान के साथ समझौता करने की कोशिश किया जा रहा है और उन्हें देश छोड़ने को मजबूर किया जा रहा है। उन्हें यह भी कहा जा रहा है कि अगर वह विदेश चले जाते हैं और अपनी पसंद की जगह पर चुप रहते हैं तो उन्हें रियायतें मिलेंगी। लेकिन इमरान खान इसके लिए कभी राजी नहीं होंगे।
