देवल संवाददाता, मऊ। विश्व और भारत में मधुमेह की स्थिति बहुत ही भयावह है। दुनिया भर में 473 मिलियन तथा अकेले भारत में 77 मिलियन डायबिटिज रोगियों की संख्या है। एक अनुमान के अनुसार वर्ष 2047 तक 134 मिलियन रोगियों की संख्या भारत में हो जाएगी। विश्व में भारत को मधुमेह की राजधानी कहा जाता है। अत्यधिक वजन एवं मोटापा इसके प्रमुख कारण हैं। बार-बार पेशाब लगना,अत्यधिक प्यास एवं भूख लगना,थकान महसूस होना,धुंधली दृष्टि होने की स्थिति में तत्काल चिकित्सक से संपर्क करना चाहिए। प्रसिद्व चिकित्सक डॉ संजय सिंह ने शुक्रवार को विश्व डायबिटिज दिवस पर आयोजित विशाल जन जागरुकता रैली के बाद डायबिटिज मेला में यह बातें कही। इस दौरान सेमी यूपी चेप्टर प्रदेश अध्यक्ष, मेडिकल डायरेक्टर डॉ सुजीत सिंह ने आकस्मिक चिकित्सा के दौरान मधुमेह रोगियों के उपचार पर विस्तार से प्रकाश डाला। बताया कि यदि इसका समय से प्रबंधन नहीं किया गया तो मधुमेह हृदय रोग, गुर्दा की बीमारी एवं अंधापन का कारण बन सकता है।विश्व डायबिटिज दिवस पर शारदा नारायण वेलफेयर ट्रस्ट, आरएसएसडीआई,लायंस क्लब, सोसाइटी आफ इमरजेंसी मेडिसीन, शारदा नारायण नर्सिंग एवं पैरामेडिकल साइंसेज पहसा गड़वा एवं सेवा के संयुक्त तत्वावधान में विश्व डायबिटिज डे के अवसर पर डॉ संजय सिंह कि नेतृत्व में ‘‘चीनी कम सेहत ज्यादा’’ सहित अनेक डायबिटिज प्रेरक नारों के साथ मऊ नगर में विशाल जन जागरुकता रैली निकाली गई। शारदा नारायण हास्पिटल से आजगमढ़ मोड़, रोडवेज,डीसीएसके पीजी कालेज, बरपुर,ब्रह्मस्थान होते पुनः हास्पिटल पहुंची। तत्पश्चात शारदा नारायण हास्पिटल में आयोजित डायबिटिल मेला में 957 लोगों को एनबीवनसी,शुगर,ब्लड प्रेशर, लिपिड प्रोफाइल,एचबी,नेत्र परीक्षण,यूरिक एसिड, बीएमडी, यूएसीआर,टीएफटी की जांच करते हुए निःशुल्क दवाओं का वितरण किया गया। इस दौरान डॉ राहुल कुमार,डॉ दीपक राय,डॉ मालविका राय ने पुलिसकर्मियों सहित सभी लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण किया। नर्सिंग कालेज के विद्यार्थियों द्वारा नुक्कड़ नाटक के माध्यम से डायबिटिज रोग पर विस्तार से प्रकाश डाला गया। इस दौरान सभी प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र का वितरण किया गया।
