देवल संवाददाता, बलिया भाजपा जिलाध्यक्ष संजय मिश्रा ने घोषणा की है कि भगवान बिरसा मुंडा की जयंती को 'जनजातीय गौरव दिवस' के रूप में मनाया जाएगा। उन्होंने गुरुवार को बलिया स्थित भाजपा कार्यालय में आयोजित बैठक में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि भारतीय जनता पार्टी जनजातीय शौर्य के माध्यम से विभिन्न कार्यक्रम आयोजित करेगी।
भगवान बिरसा मुंडा का जन्म 15 नवंबर 1875 को झारखंड के उलीहातु गांव में हुआ था। उन्होंने अन्याय और दमन के विरुद्ध 'उलगुलान' (महान आंदोलन) का नेतृत्व किया। बिरसा मुंडा ने आदिवासी अस्मिता, आत्मसम्मान और स्वराज का बिगुल बजाया, जिसका संदेश "अबुआ दिसुम, अबुआ राज" आज "आत्मनिर्भर भारत" की भावना से गहराई से जुड़ा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में जनजातीय समाज के सशक्तिकरण के लिए उनकी जयंती को 2021 से 'जनजातीय गौरव दिवस' के रूप में राष्ट्रीय सम्मान प्रदान किया गया है।
नए एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालय स्वीकृत
केंद्र सरकार ने जनजातीय समुदाय के उत्थान के लिए कई ऐतिहासिक कदम उठाए हैं। इनमें रांची में भगवान बिरसा मुंडा स्मारक व स्वतंत्रता संग्रहालय का निर्माण शामिल है, जो आदिवासी नायकों के बलिदान को समर्पित है। इसके अतिरिक्त, आदिवासी अंचलों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा हेतु सैकड़ों नए एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालय स्वीकृत किए गए हैं। वन उत्पादों के मूल्य संवर्धन और विपणन के लिए वन धन योजना के तहत वन धन केंद्रों की स्थापना की गई है।
'प्रधानमंत्री जनजातीय सशक्तिकरण मिशन' शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार कौशल और कृषि में समग्र विकास पर केंद्रित है। 'लखपति दीदी योजना' और महिला स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से जनजातीय महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाया जा रहा है। प्रधानमंत्री आवास योजना, जल जीवन मिशन और आयुष्मान भारत जैसी योजनाओं ने आदिवासियों और ग्रामीण समाज की जीवन गुणवत्ता में सुधार किया है।
उत्तर प्रदेश सरकार भी जनजातीय समुदायों के कल्याण के लिए सक्रिय है। जिला उपाध्यक्ष व कार्यक्रम संयोजक सुरेंद्र सिंह ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में वनटांगिया और मुसहर समुदायों को सरकारी पहचान मिली है। उन्हें आवास, राशन, पेंशन और स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ दिया जा रहा है।
राज्य में 'आदिवासी संस्कृति महोत्सव' और 'जनजाति संग्रहालय' के माध्यम से उत्तर प्रदेश के जनजातीय नायकों की गौरव गाथा को बढ़ाया जा रहा है। जनजातीय छात्रों के लिए छात्रवृत्ति योजनाएं, राज्य स्तरीय खेल प्रतियोगिताएं और कौशल विकास कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं। 'मिशन रोजगार' के अंतर्गत आदिवासी युवाओं को सरकारी और निजी क्षेत्र में अवसर प्रदान किए गए हैं। इस अवसर पर कार्यक्रम संयोजक शुभनरायण सिंह और नितेश मिश्रा भी उपस्थित रहे।
