देवल संवादाता, आजमगढ़। सरायमीर, क्षेत्र के बस्ती गांव में बने जच्चा बच्चा केंद्र एवं आयुष्मान आरोग्य मंदिर पर आए दिन ताला लटका रहता है। जिससे इलाज के लिए मरीज दर-दर भटकने को विवश हैं। वहीं विभागीय अधिकारी संग डाक्टर की मनमानी से ग्रामीणों में आक्रोश व्याप्त है ।बस्ती गांव में लगभग पांच हजार से अधिक मिश्रित आबादी है। इस ग्राम सभा में राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन के तहत जच्चा-बच्चा केंद्र एवं आयुष्मान आरोग्य मंदिर के नाम से अतिरिक्त कक्ष बनवाया गया है। जिस पर एक डाकटर कि तैनाती भी की गई, लेकिन डाक्टर की मनमानी के चलते इस केंद्र का खुलने व बन्द करने का कोई समय निर्धारित नहीं है। इससे गांव की गर्भवती महिलाओ एवं छोटे-छोटे बच्चों को टीकाकरण एवं सर्दी, बुखार अन्य बीमारियों का लाभ नहीं मिल पा रहा है। इस केंद्र पर सप्ताह भर से ताला लटका हुआ है। जबकि विभागीय डाक्टर आये दिन क्षेत्र के निजी अस्पताल, पैथोलॉजी सेंटर और मेडिकल हाल पर जांच और दवा के लिये मरीजों को भेजते हैं। गांव में बने जच्चा बच्चा केंद्र एवं आयुष्मान आरोग्य मंदिर सुबह से ही मरीज पहुंच कर सेंटर खुलने का इंतजार करते हैं, काफी देर इंतजार के बाद भी जब सेंटर नहीं खुलता है तो मरीजों के उम्मीद पर पानी फिर जाता है। गांव निवासी तौफीक, गुलाम, कादिर, पंकज आदि लोगों ने बताया डाक्टर की लापरवाही के चलते ग्रामीणों को स्वास्थ विभाग की इस योजना का फायदा नहीं मिल रहा है। ऐसे में ग्रामीणों ने विभागीय उच्चाधिकारियों को ध्यान आकृष्टि कराते हुए उचित कार्यवाही करने की मांग की है।
