कृष्ण कुमार तिवारी ब्यूरो चीफ अंबेडकर नगर दैनिक देवल | विधानसभा क्षेत्र आलापुर अन्तर्गत विकास खण्ड जहांगीरगंज में एक ऐसा भी विद्यालय है जहां तीन तीन प्रधानाध्यापक है, प्रवंध समिति को कालातीत हुए कई वर्ष बीत चुके हैं फिर भी प्रबंधक बने हुए हैं कार्यालय खुलता नहीं दो दो ताले लगे हुए हैं और लगभग 800 छात्र छात्राओं का शुल्क जमा नहीं है लेकिन तीन अलग अलग उपस्थित रजिस्टर पर हस्ताक्षर बना कर ग्यारह अध्यापक सेवा कर रहे हैं और मजे की बात है कि इस विवाद की जानकारी जिले के अधिकारियों से उच्चाधिकारियों को भी है। मालूम हो श्री लल्लन जी ब्रह्मचारी इण्टर कालेज भरतपुर में प्रबंध समिति का चुनाव वर्ष 2017 में हुआ था और प्रबंधक जगतनरायण शुक्ला को चुना गया था जिनका कार्यकाल वर्ष 2020मे खत्म हो गया है फिर भी जगतनरायण शुक्ल आज तक प्रबंधक बने हुए हैं। साढ़े सात वर्ष से अनैतिक और अवैधानिक रूप से प्रबंधक बने रहने से विद्यालय लूट खसोट और राजनीति का अड्डा बना हुआ है और प्रतिदिन विवाद के कारण पुलिस को हस्तक्षेप करना पड़ रहा है।जबकि विभागीय नियम कहता है कि कोई भी प्रबंध समिति अधिकतम पांच वर्ष एक महीने ही मानी जा सकती है इसके बाद समिति स्वतः कालातीत हो जाती है। पूर्वांचल का प्रतिष्ठित विद्यालय अव्यवस्थाओं का शिकार हो चुका है अप्रैल 2024 से कक्षा 9 से लेकर 12 तक के छात्र छात्राओं का शुल्क छात्र निधि खाते में जमा नहीं किया गया हैऐसे में छात्र निधि का दुरुपयोग किया जा रहा है। स्वयं को प्रबंधक द्वारा अधिकृत प्रधानाचार्य अशोक कुमार पाण्डेय वेतन तो बच्चों को पढ़ाने का लेते हैं लेकिन अधिकार पत्र के साथ विद्यालय के प्रबन्ध समिति की पैरवी करते हैं जिसे उन्होंने खुद माना। विद्यालय में वरिष्ठता विवाद और कार्यवाहक हताक्षर प्रमाणीकरण संबंधी मुकदमा संयुक्त शिक्षा निदेशक अयोध्या मंडल के पास लंबित है। वरिष्ठता क्रम को देखते हुए 31मार्च को अनिल कुमार उपाध्याय को पूर्व प्रधानाचार्य द्वारा प्रधानाचार्य का दायित्व दिया गया था और तबसे अनिल कुमार उपाध्याय प्रधानाचार्य का पद संभाले हुए हैं। यहां गौरतलब है कि वरिष्ठता क्रम की सूची जिला विद्यालय निरीक्षक के कार्यालय से जारी हुई है लेकिन एक ही तारीख में इस विद्यालय की वरिष्ठता सूची जारी करने वाले बाबू की करामात देखिए एक सूची में अनिल कुमार उपाध्याय को वरिष्ठ दर्शाया गया है तो उसी दिन जारी दूसरी सूची में अशोक कुमार पाण्डेय को वरिष्ठ दर्शाया गया है। जिला विद्यालय निरीक्षक ने विवाद को देखते हुए मुकदमा का निर्णय आने तक सुबासचन्द्र तिवारी को विद्यालय के आवश्यक कागजात निर्गत करने हेतु कार्यवाहक प्रधानाचार्य का अधिकार पत्र दिया गया है। फिर भी प्रबंधक द्वारा अधिकृत प्रधानाचार्य अशोक कुमार पाण्डेय अलग से बनाए गए उपस्थिति पंजिका रजिस्टर पर अध्यापकों से हताक्ष्रर कराया जाता है। कार्यालय पर दो दो ताले लगे हुए हैं एक ताला बाबू ने लगाया था तो उसके ऊपर अशोक कुमार पाण्डेय ने भी ताला लगा दिया है और कार्यालय अप्रैल से बन्द है। अधिकार पत्र प्राप्त विद्यालय के तीसरे प्रधानाचार्य सुबाशचंद्र तिवारी द्वारा संचालित उपस्थिति पंजिका को भी अशोक कुमार पाण्डेय ने ताला बंद कर कमरे में कैद कर दिया है जिसकी शिकायत विद्यालय के शिक्षक वीरेन्द्र कुमार, अनिल कुमार उपाध्याय, एवं रामकेश मौर्य ने थाना राजेसुल्तानपुर, जिलाधिकारी, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, संयुक्त शिक्षा निदेशक अयोध्या,वी जिला विद्यालय निरीक्षक से किया है। थानाध्यक्ष विजय प्रताप तिवारी ने बताया कि सूचना पर पुलिस मौके पर गई थी मामला शिक्षा विभाग से जुड़ा है पुलिस शान्ति व्यवस्था कायम रखने का काम करेगी। ग्रामीण जगप्रसाद शुक्ला, रामप्रवेश, शिवप्रकाश शुक्ला आदि लोगों ने बताया कि विवाद के कारण अध्यापक पूरी तरह मनमानी करते हैं और विवाद उत्पन्न कर माहौल खराब कर बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है।