जानलेवा कोरोना वैक्सीन मामले को सुप्रीम कोर्ट ले संज्ञान-रामगोविंद चौधरी
Author -
Dainik Deval
मई 02, 2024
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सपा के राष्ट्रीय सचिव राम गोविंद चौधरी ने कहा कि जान बचाने के लिए जरूरी बताकर पूरे देश को जानलेवा कोरोना वैक्सीन लगवाया गया। जो नरसंहार जैसा गंभीर अपराध है। इस अपराध में देश की बड़ी शक्तियां शामिल हैं। इसलिए सुप्रीम कोर्ट इसे स्वतः संज्ञान में लेकर जांच कराए और उन सभी लोगों पर नरसंहार का मुकदमा चलाए। जो इसमें लिप्त रहे हैं।सपा के राष्ट्रीय सचिव ने कहा कि समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने इस वैक्सीन को लेकर उसी समय कहा था कि उन्हें भाजपा पर भरोसा नहीं है। इसलिए वह इस वैक्सीन को नहीं लगवाएंगे। उनका अनुसरण करते हुए मैं भी वैक्सीन नहीं लगवाया। इस जानलेवा वैक्सीन को लगवाने की समर्थक शक्तियों के इशारे पर अखिलेश यादव को जनविरोधी साबित करने की नाकाम कोशिश की। उन्होंने कहा कि अब वैक्सीन की मूल निर्माता कम्पनी ने ही कबूल कर लिया है कि यह वैक्सीन सेहत के लिए हानिकारक है। इससे हार्ट अटैक हो सकता है।प्रदेश के पूर्व नेता प्रतिपक्ष राम गोविंद चौधरी ने कहा कि इस वैक्सीन की वजह से सैकड़ों मौत हो चुकी हैं। लगातार हार्ट अटैक होने की सूचनाएं मिल रही हैं। लेकिन कौन कार्रवाई करेगा? इस जानलेवा वैक्सीन वाली कम्पनी ने इसके लिए भाजपा को 50 करोड़ रुपए दिया है। उन्होंने कहा कि इसलिए इस मामले में सत्तारूढ़ दल से कोई उम्मीद नहीं की जा सकती है। वह खुद इसमें लिप्त है। इसलिए मैं सुप्रीम कोर्ट से आग्रह कर रहा हूं कि वह इस जानलेवा मामले को स्वतः संज्ञान में ले।राम गोविंद चौधरी ने कहा कि सम्पूर्ण देश में भाजपा का क्रूर और गरीब विरोधी चेहरा उजागर हो चुका है। पुलिस मदद नहीं करें, तो भाजपा के प्रत्याशी बहुतेरे क्षेत्रों में गांवों में घुसने की स्थिति में नहीं है। सपा और कांग्रेस के संयुक्त उम्मीदवार के पक्ष में जनता खुद खड़ी है।उन्होंने कहा कि इस स्थिति को बदलने के लिए भाजपा कहीं पर्चा खारिज करा रही है, तो कहीं अपने प्रत्याशियों से माफी मंगवा रही है। इसे लेकर उसकी अंतिम कोशिश रहेगी। ईवीएम का दुरूपयोग और गिनती में धांधली। इसलिए हमको, आपको और जो संविधान तथा लोकतंत्र में विश्वास रखते हैं। उन सभी को चार जून तक सावधान रहना होगा।