मऊ। स्थानीय तहसील अंतर्गत राजापुर ग्रामसभा में चल रही दो दिवसीय श्री रामकथा सार ज्ञानयज्ञ का बुधवार बसंत पंचमी के दिन समापन हुआ।अंतिम दिन कथा सत्र को संबोधित करते हुए सद्गुरुदेव श्रीसतपाल जी महाराज की परम शिष्या साध्वी सोनबाईजी ने कहा कि भगवत्प्राप्ति सनातन तत्व के सार को जानने से ही हो सकती है। प्रभु श्रीराम ने स्वयं ज्ञान के गोपनीय तत्व को समझाया है और कहा है कि मनुष्य उस सनातन तत्व को जानकर ही भवसागर से पार हो सकता है। कलियुग में नाम सुमिरन ही मुक्ति का आधार है।लखनऊ स्थित मानव उत्थान सेवा समिति के हंस भक्ति धाम आश्रम से पधारी महात्मा स्वरूपाबाई,महात्मा सोनबाईजी व मऊ प्रभारी सारथानंद जी महाराज ने 14 फरवरी को पुलवामा के अमर शहीदो को याद करते हुए श्रद्धांजली अर्पित किया। कहा कि जो भारत देश की रक्षा करते हुए शहीद हो गये उनकी शहादत को देश कभी भुला नही सकता। हमें उन शहीदों के प्रति कृतज्ञता भाव रखनी चाहिए, भूलना नही चाहिए। क्योंकि देश की सीमाओं पर उन वीर सपूतों के कारण ही हम अपने घरों में चैन की नींद सोते हैं।कार्यक्रम की शुरुआत में आयोजन समिति के सदस्यों द्वारा मंचस्थ महात्माओं का स्वागत माल्यार्पण किया गया।आयोजक राजापुर ग्रामप्रधान प्रतिनिधि बसंत कुमार सिंह का भगवान की झांकी के सन्मुख जन्मोत्सव मनाया गया और उन्हें महात्माओ ने मंगल आशीष प्रदान किया।महाआरती उपरांत प्रसाद वितरण के अतिरिक्त आयोजित महाभण्डारे में सैकड़ो श्रद्धालुओं ने महाप्रसाद ग्रहण किया।इस अवसर पर राजापुर संस्थाप्रधान रविप्रकाश सिंह,ग्रामप्रधान लीला सिंह,झगरू प्रसाद,विनीता सिंह,त्रिभुवन दत्त, निर्जला सिंह,सुजीत कुमार,विनीता देवी,शिवम राय,उषा सिंह,गुरुप्रसाद सिंह,राधिका देवी,सुबास चौहान, निर्जला सिंह,गुल्लू शर्मा,माताप्रसाद पांडेय,रामजीत सिंह आदि सैकड़ो स्त्री-पुरुष श्रद्धालुगण मौजूद रहे।