स्टूडेंट्स इस्लामिक मूवमेंट ऑफ इंडिया (Students Islamic Movement of India) के खिलाफ भारत सरकार ने यूएपीए के तहत पांच सालों की अवधि के लिए इस संगठन को गैरकानूनी संघ करार दिया है। बता दें कि यह एक प्रतिबंधित संगठन है। कुछ दिनों पहले सुप्रीम कोर्ट में केंद्र सरकार ने कहा था कि यह संगठन देश में इस्लामिक जिहाद फैलाने के कृत्य में संलिप्त है।स्टूडेंट्स इस्लामिक मूवमेंट ऑफ इंडिया (Students Islamic Movement of India) के खिलाफ भारत सरकार ने कड़ा एक्शन लिया है। गृह मंत्रालय ने आज (29 जनवरी) यूएपीए के तहत पांच सालों की अवधि के लिए इस संगठन को 'गैरकानूनी संघ' करार दिया है। बता दें कि यह एक प्रतिबंधित संगठन है।कुछ दिनों पहले सुप्रीम कोर्ट में केंद्र सरकार ने कहा था कि यह संगठन देश में इस्लामिक जिहाद फैलाने के कृत्य में संलिप्त है। बता दें कि यह सिमी एक प्रतिबंधित इस्लामिक छात्र संगठन है। संगठन की स्थापना 25 अप्रैल 1977 को उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ में हुई थी।साल 2001 में पहली बार सिमी को आतंकवादी गतिविधियों में लिप्त रहने के कारण प्रतिबंधित किया गया। इसके बाद 2008 में संगठन से कुछ दिन के लिए बैन हटाया गया। हालांकि, राष्ट्रीय सुरक्षा के मद्देनजर संगठन पर उसी साल फिर से बैन लगा दिया गया।