देवल संवाददाता, बलिया के अपूर्वा नर्सिंग होम में पथरी के ऑपरेशन के दौरान अनीशा राय की मौत के 24 दिन बाद भी आरोपी चिकित्सकों की गिरफ्तारी न होने आहत होकर पति शिवांशु राय ने शुक्रवार को डीएम कार्यालय के समक्ष आत्मदाह का प्रयास किया। पहले से मुस्तैद पुलिसकर्मियों ने पकड़ कर कोतवाली लेती गई।
इस दौरान लोगों ने प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी कर आरोपी चिकित्सकों को बचाने का आरोप लगाया। पुलिस की गिरफ्त में पति शिवांशु राय ने कहा कि चिकित्सकों के लापरवाही से पत्नी अनीशा राय की मौत हो गई थी। आरोपी डॉक्टर ज्योत्सना, रोहन गुप्ता सहित पांच आरोपियों की अब तक गिरफ्तार प्रशासन नहीं कर रहा है। वहीं, उल्टे पुलिस मुझे गिरफ्तार करने के लिए दो दिन से घर व रिश्तेदारों के घर पर दबिश दे रही है, जैसे की मैं ही आरोपी हूं।
क्षेत्राधिकारी द्वारा घर पर नोटिस चस्पा किया गया है। तय सीमा के अंदर आरोपियों की गिरफ्तारी न होने पर मजबूर होकर आत्मदाह करने आया था। पुलिस ने शिवांशु का मेडिकल बनाने के बाद चालान कर कोर्ट भेज दिया। पुलिस की कार्रवाई से लोगों में आक्रोश रहा।
पुलिस छावनी में तब्दील रहा डीएम कार्यालय, आने जाने वालों की तलाशी
सुखपुरा थाना के देवकली गांव निवासी शिवांशु राय के आत्मदाह की चेतावनी को लेकर सुबह से ही डीएम कार्यालय परिसर पुलिस छावनी में तब्दील रहा। सभी मार्ग पर पुलिसकर्मी तैनात रहे। हर आने जाने वाले खासकर झोला व बैग की तलाशी पुलिस ने ली। इसको लेकर गहमा गहमी बनी रही। सदर कोतवाली, सुखपुरा, दुबहड़ थाना की पुलिस के अलावा एलआईयू के जवान तैनात रहे।
सादे वेष में जवान चक्रमण करते रहे। दोपहर 12 बजे एडीएम कार्यालय की तरफ से अचानक शिवांशु पहुंचा, पाकेट से बोतल निकाल डीजल शरीर पर उड़ेल लिया। माचिस निकालने से पहले ही परिसर में मुस्तैद पुलिसकर्मियों ने दौड़कर शिवांशु को पकड़ लिया। कोतवाल क्षितिज त्रिपाठी गाड़ी में बैठाकर कोतवाली लेकर चले गए।
आपरेशन के दौरान अनीशा की हुई थी मौत
सुखपुरा थाना क्षेत्र के देवकली गांव के शिवांशु राय की पत्नी अनीशा राय को अपूर्वा अस्पताल में दो एमएम की पथरी होने की शिकायत पर महिला चिकित्सक ने दूरबीन विधि से ऑपरेशन में भर्ती कराया था। ऑपरेशन के दौरान अनीशा की मौत हो गई। परिजनों नर्सिगहोम पर जमकर हंगामा काटा।
पति शिवांशु की तहरीर पर पुलिस ने अस्पताल संचालिका ज्योत्साना सिंह, डॉक्टर रोहन गुप्ता सहित पांच पर मुकदमा दर्ज किया। परिजनों व छात्र संगठन के हंगामा पर प्रशासन ने अस्पतला का सील कर दिया। घटना के 15 दिन बाद भी आरोपी चिकित्सकों की गिरफ्तारी न होने पर पति ने आत्मदाह की धमकी दी थी, जिसमें थाना प्रभारी सुखपुरा रत्नेश दुबे ने समझा बुझाकर जल्द गिरफ्तारी के आश्वासन पर मामला शांत हो गया। तय सीमा के बावजूद गिरफ्तारी न होने पर पति ने प्रशासन को आत्मदाह की धमकी दी थी।
आत्मदाह करने की कोशिश की जा रही थी। इस मामले में 22 मार्च को पति की तहरीर पर अपूर्वा नर्सिंग होम के चिकित्सकों पर सुसंगत धाराओं में अभियोग पंजीकृत किया गया था। सीएमओ बलिया द्वारा गठित जांच टीम की जांच के उपरांत 14 अप्रैल को विवेचक को जांच रिपोर्ट उपलब्ध कराई गई थी। रिपोर्ट के आधार पर विवेचक द्वारा विवेचनात्मक कार्यवाही की जा रही है। इस बीच मृतिका महिला के पति द्वारा आत्मदाह की धमकी दी जाने लगी, जिसके बाद एसडीएम सदर द्वारा युवक के विरूद्ध धारा 163 बीएनएसएस की नोटिस जारी की गई। उसके बावजूद युवक द्वारा अपने ऊपर तरल पदार्थ डाला गया, उसे हिरासत में लेकर आवश्यक कार्रवाई की जा रही है।
