कृष्ण, देवल ब्यूरो, अंबेडकर नगर ।सिद्धपीठ श्री सिद्धेश्वर धाम तीर्थ गन्नीपुर मोतिगरपुर बसखारी के तत्वावधान में चल रहे श्री लक्ष्मी नारायण महायज्ञ एवं द्वितीय विराट श्रीराम कथा महोत्सव के पांचवे दिन अयोध्या से आये कथा वाचक डाॅ. चंद्रांशु जी महाराज ने कहा कि अयोध्या के राजा दशरथ की तीन रानियां थीं,बावजूद उनका महल सूना था क्योंकि उनके यहां पुत्र नहीं था।राजा ने पुत्रेष्टि यज्ञ कराया जिसके बाद राम,लक्ष्मण,भरत और शत्रुघन का जन्म हुआ। भगवान राम जन्म की कथा सुन कर श्रोता भाव विभोर हो गये।उन्होंने कहा कि जब अयोध्या में भगवान राम का जन्म होने वाला था,तब समस्त अयोध्या नगरी में शुभ शकुन होने लगे,भगवान राम का जन्म होने पर अयोध्या नगरी में खुशी का माहौल हो गया।चारों ओर मंगल गान होने लगे।उन्होंने कहा कि भगवान राम ने भी पृथ्वी लोक पर आकर धर्म की स्थापना की।कथा वाचक ने कहा कि आज का व्यक्ति ईश्वर की सत्ता को मानने से भले ही इंकार कर दे,लेकिन एक न एक दिन उसे ईश्वर की महत्वा को स्वीकार करना ही पड़ता है।संसार में जितने भी असुर उत्पन्न हुए सभी ने ईश्वर के अस्तित्व को नकार दिया और स्वयं भगवान बनने का ढोंग करने लगे,लेकिन जब ईश्वर ने अपनी सत्ता की एक झलक दिखाई तो सभी का अस्तित्व धरा से ही समाप्त हो गया। अधर्म के मार्ग पर चलने वाला व्यक्ति कितना ही शक्तिशाली क्यों न हो लेकिन धर्म के मार्ग पर चलने वाले के आगे अधिक समय तक नहीं टिक सकता।कथा वाचक डाॅ.चंदांशु जी ने रामजन्म कथा प्रसंग सुनाकर श्रद्धालुओं का मन मोह लिया।देर रात तक लोग कथा सुनते रहे।इस अवसर पर कथा आयोजक सिद्ध पीठ सिद्धेश्वर धाम के महंत कृष्णानंद जी ,श्याम बाबू गुप्ता,सूरज पाण्डेय,बाबू बच्चा सिंह जी,राजितराम यादव,कमलेश साहू,आचार्य अर्जुन,सर्वेश सिंह,पीयूष उपाध्याय,कुलदीप सिंह,राम केदार यादव,अभिषेक विश्वकर्मा,दुर्गा सिंह,प्रियांशु,ऋषि पाण्डेय,पूर्व जिलाध्यक्ष डाॅ.मिथिलेश त्रिपाठी,भाजपा नेता दिनेश पाण्डेय,भाजपा नेता रमेश गुप्ता सहित बड़ी संख्या में लोग उपस्थित रहे ।