देवल संवाददाता,मऊ। जिलाधिकारी प्रवीण मिश्र की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में राज्य सेक्टर के अंतर्गत संचालित 'मुख्यमंत्री राज्य औद्यानिक विकास योजना' वर्ष 2025-26 के सफल क्रियान्वयन एवं प्रभावी अनुश्रवण हेतु जनपद स्तरीय समिति की महत्वपूर्ण बैठक संपन्न हुई।बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने वर्ष 2025-26 के लिए निर्धारित लक्ष्यों की समीक्षा और अनुमोदन प्रदान करते हुए जिला उद्यान अधिकारी संदीप कुमार गुप्ता को निर्देश दिए गए कि जनपद में शाकभाजी क्षेत्र विस्तार के 50 हैकटेयर लक्ष्य और लो कास्ट मशरूम उत्पादन इकाई, बर्मी बेड के लक्ष्य को पात्रता अनुसार किसानों को लाभ प्रदान कराएं। बागवानी विकास मिशन योजना में जो भी किसान लाभ पूर्व में प्राप्त किए हो उनको छोड़ कर नए लोगों को प्रथम आवक प्रथम पावक के आधार पर लाभान्वित करें। जिलाधिकारी द्वारा परियोजना अधिकारी नेडा अरविंद पाण्डेय को निर्देशित किया गया कि मशरूम उत्पादन सहित कृषि क्षेत्र के लघु उद्योग से जुड़े इकाइयों को सोलर पावर सप्लाई से जोड़ने हेतु उद्यान एवं कृषि विभाग के माध्यम से समन्वय करते हुए लाभार्थी के विद्युत भार को कम करने हेतु ज्यादा से ज्यादा सोलर ऊर्जा संयंत्र स्थापित कराया जाए जिससे किसानों और कृषि उद्यमियों की आय में बढ़ोतरी हो सके। जिलाधिकारी द्वारा योजना सत्यापन हेतु पूर्व गठित समिति से कराने के निर्देश देते हुए मुख्य विकास अधिकारी को भी समय-समय पर निरीक्षण कर किसानों से संवाद स्थापित कर पात्र कृषकों और स्थानीय युवाओं को योजना का लाभ प्राथमिकता के आधार पर दिलाया जाए।योजना के तहत जनपद में औद्योगिक आस्थानों के सुदृढ़ीकरण, सड़क,बिजली और जल निकासी जैसी बुनियादी सुविधाओं के विकास प्रस्तावों पर चर्चा की गई। जिलाधिकारी ने कहा कि इस योजना का मुख्य उद्देश्य स्थानीय स्तर पर उद्योगों को बढ़ावा देकर रोजगार के नए अवसर सृजित करना तथा प्रदेश की अर्थव्यवस्था को 1 ट्रिलियन डॉलर के स्तर पर ले जाया जाना है। उन्होंने अग्रणी बैंक प्रबंधक को निर्देशित किया कि ऋण संबंधी पत्रावलियों का निस्तारण समयबद्ध तरीके से करें।बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने कहा, "मुख्यमंत्री राज्य औद्यानिक विकास योजना जनपद के आर्थिक विकास के लिए एक मील का पत्थर होगी। हमारा प्रयास है कि 2025-26 में हम न केवल अपने लक्ष्यों को प्राप्त करें,बल्कि नए कृषि विकास एवं उद्योगों की स्थापना के लिए एक सुगम वातावरण भी तैयार करें।बैठक में परियोजना निदेशक ग्राम्य विकास अभिकरण रामबाबू त्रिपाठी,अग्रणी जिला प्रबंधक अनिल कुमार सिन्हा तथा समिति के अन्य सदस्य व संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।