प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को नई दिल्ली में एआई इम्पैक्ट समिट 2026 के दूसरे दिन लोगों के हित के लिए साइंस और टेक्नोलॉजी के इस्तेमाल पर जोर दिया।
पीएम मोदी ने एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा, "बुद्धिमत्ता, तर्कशीलता और निर्णय-क्षमता विज्ञान और टेक्नोलॉजी को जन-जन के लिए उपयोगी बनाती हैं। India AI Impact Summit का उद्देश्य भी यही है कि कैसे एआई का इस्तेमाल सर्वजन के हित में हो।"
संस्कृत का श्लोक भी था शामिल
पीएम मोदी की पोस्ट में शुश्रूषा श्रवणं चैव ग्रहणं धारणां तथा। ऊहापोहोऽर्थविज्ञानं तत्त्वज्ञानं च धीगुणाः॥ एक संस्कृत श्लोक भी था, जिसका मतलब था "सुनने की इच्छा, ध्यान से सुनना, समझना, याद रखना, तर्क करना, फैसला लेना, मतलब समझना और सिद्धांतों का ज्ञान ये सभी बुद्धि के गुण हैं और बुद्धि की नींव बनाते हैं।"
सोमवार को समिट के पहले दिन पीएम नरेंद्र मोदी ने एक्सपो के उद्घाटन के दौरान जिम्मेदार और सबको साथ लेकर चलने वाले एआई के लिए भारत के कमिटमेंट पर जोर दिया। इसके बाद उन्होंने स्टार्टअप्स, रिसर्चर्स और टेक्नोलॉजी लीडर्स समेत एग्जिबिटर्स से बातचीत की, जिन्होंने अलग-अलग सेक्टर्स में एआई एप्लीकेशन्स दिखाए।
19 फरवरी को देंगे भाषण
प्रधानमंत्री मोदी 19 फरवरी को उद्घाटन भाषण देंगे, जिसमें वे दुनिया भर में सहयोग बढ़ाने और सबको साथ लेकर चलने वाली, भरोसेमंद और विकास पर ध्यान देने वाली आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के लिए भारत के विजन को आगे बढ़ाने की बात करेंगे।
तेरह देश एआई इकोसिस्टम में इंटरनेशनल सहयोग दिखा रहे हैं, जिसमें ऑस्ट्रेलिया, जापान, रूस, यूनाइटेड किंगडम, फ्रांस, जर्मनी, इटली, नीदरलैंड्स, स्विट्जरलैंड, सर्बिया, एस्टोनिया, ताजिकिस्तान और अफ्रीकी देशों की भागीदारी शामिल है।