देवल संवाददाता, गोरखपुर। रेल, सूचना एवं प्रसारण एवं इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री ने नई दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित एआई इम्पैक्ट समिट में युवाएआई हैकाथॉन में भाग लेने वाले 3,000 से अधिक छात्रों से बातचीत की। भारत भर के छात्रों ने डोमेन-आधारित, स्थानीय भाषा में एआई समाधान साझा किए, जो उभरती प्रौद्योगिकियों में मजबूत जमीनी स्तर के नवाचार और युवा भागीदारी को दर्शाते हैं।
बातचीत के दौरान, माननीय केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने इस बात पर जोर दिया कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता एक शक्तिशाली उपकरण है जिसका उपयोग हर कोई रोजमर्रा की चुनौतियों का समाधान करने और व्यक्तिगत एवं सामुदायिक आवश्यकताओं के अनुरूप समाधान तैयार करने के लिए कर सकता है।
मंत्री ने यह भी बताया कि शिखर सम्मेलन ने वैश्विक स्तर पर काफी रुचि आकर्षित की है, जिसमें लगभग 17 अरब डॉलर की वेंचर कैपिटल (वीसी) फंडिंग और 200 अरब डॉलर तक के अवसंरचना निवेश की प्रतिबद्धताएं शामिल हैं। उन्होंने कहा कि यह भारत के एआई पारिस्थितिकी तंत्र में वैश्विक स्तर पर दिखाई देने वाली गहरी रुचि को दर्शाता है।
उन्होंने आगे इस बात पर बल दिया कि यह गति माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी द्वारा निर्धारित दूरदर्शी ढांचे के कारण संभव हुई है, जो भारत को उभरती प्रौद्योगिकियों में वैश्विक नेता के रूप में स्थापित करता है। उन्होंने कहा कि भारत में दुनिया के सबसे बड़े एआई शिखर सम्मेलन की मेजबानी करना, वैश्विक एआई आंदोलन में अग्रणी भूमिका निभाने वाले देश के बढ़ते कद को दर्शाता है।